पटना,(ईएमएस)। बिहार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में सीट बंटवारे को लेकर मंथन तेज हो गया है। सूत्रों की मानें तो चिराग पासवान को खुश रखने के लिए जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा को अपनी कुछ सीटें कुर्बान करनी पड़ सकती हैं। एनडीए में सीट शेयरिंग को लेकर मंगलवार को दिल्ली में बीजेपी नेताओं की चिराग पासवान के साथ अहम बैठक हुई, लेकिन अभी तक अंतिम सहमति नहीं बन सकी है। जानकारी के अनुसार, राज्य की कुल 243 विधानसभा सीटों में से 205 सीटों पर बीजेपी और जेडीयू बराबर-बराबर चुनाव लड़ने पर सहमत दिख रहे हैं। दोनों दलों के बीच 102-102 सीटों पर मुकाबला तय किया गया है, जबकि एक सीट को लेकर आगे-पीछे का समायोजन संभव है। शेष 38 सीटों को एनडीए के तीन छोटे घटक दलों—लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हम (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा) और रालोसपा (राष्ट्रीय लोक जनशक्ति मोर्चा) के बीच बांटने का फार्मूला तैयार किया गया है। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी ने फिलहाल चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी (रामविलास) को 25 सीटें, जीतन राम मांझी की पार्टी हम को 7 सीटें, और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा को 6 सीटें देने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, चिराग पासवान कुछ पसंदीदा और प्रभाव वाली सीटें अपनी पार्टी के लिए चाहते हैं, जिस पर बीजेपी और उनके बीच सहमति नहीं बन पा रही है। यदि चिराग की मांगें मानी जाती हैं, तो मांझी और कुशवाहा की सीटें कम हो सकती हैं। एनडीए सूत्रों का कहना है कि ऐसी स्थिति में बीजेपी छोटे घटक दलों को राज्यसभा या विधान परिषद की सीटों का प्रस्ताव देकर उन्हें संतुष्ट करने की कोशिश कर सकती है। इससे गठबंधन में तालमेल और एकजुटता बनाए रखने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। इस बीच, दिल्ली में बीजेपी के बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और विनोद तावड़े ने मंगलवार को चिराग पासवान से मुलाकात की। बैठक में सीटों के अंतिम बंटवारे पर चर्चा हुई। जानकारी के अनुसार, अगर दिल्ली बैठक में समझौता नहीं हो सका, तो बातचीत का अगला दौर अब बुधवार शाम तक ही संभव होगा। हिदायत/ईएमएस 07अक्टूबर25