नई दिल्ली (ईएमएस)। यदि रोजाना एक संतरा खाया जाए तो मुंह, गले और पेट के कैंसर का खतरा काफी हद तक घट सकता है। यह मौसमी फल न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं। कॉमनवेल्थ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन द्वारा किए गए इस अध्ययन ने 48 वैश्विक रिसर्च पेपर्स की समीक्षा के बाद यह निष्कर्ष प्रस्तुत किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह नतीजे उन पारंपरिक आहार सलाहों की पुष्टि करते हैं जिनमें फल और सब्जियों के नियमित सेवन को स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है। अध्ययन में बताया गया कि संतरा, अन्य खट्टे फलों की तुलना में सबसे अधिक एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। ये एंटीऑक्सीडेंट शरीर को बीमारियों से बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं और कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने में भी सहायक होते हैं। संतरे में विटामिन सी, बी, ए और ई के अलावा कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, फॉस्फोरस और प्राकृतिक शर्करा भी प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। खास तौर पर विटामिन सी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है। मानव शरीर विटामिन सी खुद नहीं बना सकता, इसलिए इसे भोजन के जरिए लेना जरूरी है। संतरे में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है, कब्ज को दूर करता है और पेट को हल्का बनाए रखता है। स्टडी में यह भी बताया गया है कि खट्टे फलों का नियमित सेवन धमनी रोग, मोटापा और मधुमेह के प्रबंधन में कारगर हो सकता है। विशेष रूप से, रोजाना पांच बार फल और सब्जियों के साथ खट्टे फलों को शामिल करने से दिल का दौरा पड़ने का खतरा 19 फीसदी तक कम हो सकता है। अध्ययन के अनुसार, संतरे का रस शरीर में कोलेस्ट्रॉल को तोड़कर उसे पित्त अम्लों में परिवर्तित करने में सक्षम होता है, जिससे पित्त पथरी का जोखिम कम हो सकता है। संतरे के रस में लगभग 85 फीसदी पानी होता है, जो शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है। वर्ल्ड कैंसर रिसर्च फंड की रिपोर्ट्स भी साइट्रस फल खाने को कैंसर से बचाव में उपयोगी मानती हैं, लेकिन विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि पूरे संतरे को खाना अधिक लाभकारी है। जूस पीने से फाइबर की कमी हो जाती है, जबकि पूरा फल पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और तनाव से जुड़ी असुविधाओं को भी कम करता है। सुदामा/ईएमएस 28 नवंबर 2025