-एक करिश्माई नेता की मौत आज भी एक अनसुलझी गुत्थी बनकर रह गई वॉशिंगटन,(ईएमएस)। 22 नवंबर 1963 को डलास में अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की हत्या हुई थी। इस घटना की जांच में शक की सुई हार्वी ऑस्वाल्ड पर जाकर रुक गई थी, ली हार्वी ऑस्वाल्ड एक पूर्व अमेरिकी नौसैनिक था। जैसे-जैसे समय बीता, हत्याकांड से जुड़े वीडियो फुटेज और तस्वीरें सामने आते गए और इनकी वजह से पूरी जांच की दिशा को ही पलट दिया। ऐसे ही एक टर्निंग प्वाइंट में एक महिला की थ्योरी सामने आई थी, जो ‘द बबुश्का लेडी’ के नाम से मशहूर थी। इस महिला ने जेएफके की हत्या के भयानक क्षण को सबसे करीब से देखा था। कैनेडी की हत्या का रहस्य सुलझाने के लिए जांच एंजेसियां कई तरह की थ्योरीज में उलझी रहीं, जिसमें से ली हार्वी ऑस्वाल्ड था, जिसकी पुलिस हिरासत में हत्या कर दी गई थी। इसके बाद ये थ्योरी आई कि ऑस्वाल्ड इस साजिश में अकेला नहीं था। ऑस्वाल्ड ने क्यूबा के तत्कालीन पीएम फिदेल कास्त्रो को खुश करने के लिए कैनेडी को की हत्या की थी। एक और थ्योरी रूसी खुफिया एजेंसी केजीबी की तरफ इशारा करती थी। इनमें से सबसे रहस्यमयी थ्योरी ‘द बबुश्का लेडी’ से जुड़ी थी। जब जेएफके की हत्या की पड़ताल के लिए तस्वीरें और वीडियोज निकलवाए गए तो जांच अधिकारियों को कई बार एक महिला दिखाई दी, जो कैनेडी को गोली लगने के समय भी घटनास्थल पर ही साफ नजर आई लेकिन उसका चेहरा एक स्कार्फ से ढका था, जिसे रूसी में बबुश्का कहते हैं। किसी को पता नहीं चला था कि ये महिला आखिर है कौन? क्योंकि उसका चेहका ढका हुआ था! कई लोगों ने इसे स्पाई बताया तो कई ने उसका जेएफके से रोमांटिक कनेक्शन जोड़ दिया लेकिन पुष्टि किसी भी बात की नहीं हुई। जांच अधिकारियों को इस महिला के हाथ में भी कुछ नजर आया, जो कैमरे की तरह दिख रहा था लेकिन शक था कि ये किसी तरह कोई हथियार भी हो सकता है। शक था कि इसी से जेएफके पर हमला बोला गया था लेकिन एक करिश्माई नेता की यह दुखद मौत आज भी एक अनसुलझी गुत्थी बनकर रह गई है। सिराज/ईएमएस 29 नवंबर 2025