29-Nov-2025
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पुणे(ईएमएस)। पुणे की सांसद-विधायक विशेष अदालत में कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ विनायक दामोदर सावरकर को कथित तौर पर अपमानित करने के मानहानि मामले की सुनवाई गुरुवार को उस समय नाटकीय मोड़ ले लिया जब अभियोजन का सबसे अहम सबूत मानी जा रही सीडी पूरी तरह खाली निकली। मामला 2023 में राहुल गांधी के लंदन भाषण से जुड़ा है। सावरकर के परपौत्र सत्यकी सावरकर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि राहुल गांधी ने ब्रिटेन में आयोजित एक कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानी सावरकर के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। इसी शिकायत पर अदालत ने संज्ञान लिया और राहुल गांधी को समन जारी किया था। संज्ञान लेते समय अदालत ने एक सीलबंद सीडी में मौजूद कथित वीडियो देखने का उल्लेख किया था। गुरुवार को जब वही सीलबंद सीडी अदालत कक्ष में खोलकर चलाई गई तो उसमें एक भी फाइल नहीं थी। सीडी पूरी तरह ब्लैंक थी। यह देख शिकायतकर्ता के वकील एडवोकेट संग्राम कोल्हटकर भी स्तब्ध रह गए। उन्होंने तुरंत अदालत को याद दिलाया कि यही सीडी पहले चलाई गई थी और उसी के आधार पर समन जारी हुआ था। कोल्हटकर ने पूछा कि आखिर पहले देखी गई सामग्री अब गायब कैसे हो गई? खाली सीडी के खुलासे के बाद कोल्हटकर ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर यूट्यूब पर उपलब्ध उसी भाषण का लिंक सीधे अदालत में चलाने की अनुमति मांगी। राहुल गांधी की ओर से पेश वकील मिलिंद दत्तात्रय पवार ने इसका पुरजोर विरोध किया। मजिस्ट्रेट अमोल शिंदे ने पवार की दलील मानते हुए कहा कि यूट्यूब यूआरएल भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 65-बी के तहत जरूरी प्रमाणीकरण प्रमाणपत्र के बिना सबूत के रूप में स्वीकार्य नहीं है। कोल्हटकर की यह अर्जी भी खारिज हो गई। इसके बाद सत्यकी सावरकर ने एक अतिरिक्त याचिका दायर कर दो अन्य सीडी चलाने का अनुमति मांगी, जिनमें वही भाषण होने का दावा किया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड में ऐसी कोई सीडी जमा नहीं है, इसलिए याचिका नामंजूर की जाती है। न्यायिक जांच और स्थगन की मांग कोल्हटकर ने खाली सीडी के रहस्य की न्यायिक जांच कराने और मामले में गड़बड़ी की संभावना जाहिर करते हुए सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया। राहुल गांधी के वकील ने इसका विरोध किया, लेकिन अंततः अदालत ने सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टाल दी। यह घटना अब कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है कि जिस सीडी के आधार पर राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का पूरा मामला खड़ा किया गया, वह अचानक खाली कैसे हो गई? क्या यह तकनीकी खामी थी या कुछ और? मामले में अब अगली सुनवाई में इन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे। वीरेंद्र/ईएमएस/29नवंबर2025 -------------------------------------