29-Nov-2025
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नई दिल्ली(ईएमएस)। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने शुक्रवार को जुलाई-सितंबर 2025 तिमाही के जीडीपी आंकड़े जारी किए। वैश्विक मंदी और ट्रंप प्रशासन के नए टैरिफ दबाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने शानदार वापसी की है और 8.2 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की है। पिछले साल की इसी तिमाही में यह दर मात्र 5.6 प्रतिशत थी। इन आंकड़ों का प्रधानमंत्री मोदी सहित भाजपा नेताओं ने जोरदार स्वागत किया और इसे ‘विकसित भारत’की दिशा में बड़ा कदम बताया। लेकिन कांग्रेस ने तुरंत हमला बोल दिया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, यह बड़ी विडंबना है कि जिस दिन तिमाही जीडीपी के आंकड़े जारी हुए, उसी दिन आईएमएफ की रिपोर्ट में भारत के राष्ट्रीय लेखा-जोखा सांख्यिकी को दूसरा सबसे निचला ‘सी’ ग्रेड दिया गया है।उन्होंने आगे आरोप लगाया, संख्याएँ लगातार निराशाजनक हैं। सकल स्थिर पूंजी निर्माण (जीएफसीएफ) में कोई उछाल नहीं आया। निजी निवेश में कोई नई गति नहीं दिख रही। बिना निजी निवेश के इतनी ऊंची जीडीपी वृद्धि दर टिकाऊ नहीं हो सकती। सरकार मुद्रास्फीति को जानबूझकर कम करके दिखा रही है ताकि नाममात्र की जीडीपी वृद्धि ज्यादा लगे। जयराम रमेश ने आईएमएफ की ताजा डेटा क्वालिटी असेसमेंट रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत के आधिकारिक सांख्यिकी की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इससे पहले वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि 8.2प्रतिशत वृद्धि में निर्माण, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र का मजबूत योगदान है। अब जीडीपी आंकड़ों पर यह नया राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। वीरेंद्र/ईएमएस/29नवंबर2025 ------------------------------------