- कंपनियों ने कहा कि भार-आधारित छूट से निवेश और नवाचार में बाधा आएगी नई दिल्ली (ईएमएस)। महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स (पैसेंजर व्हीकल्स) ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर आगामी कैफे-3 कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन मानदंडों में हल्की पेट्रोल कारों के लिए प्रस्तावित छूट का विरोध किया है। कंपनियों का कहना है कि 909 किलोग्राम से कम वजन वाली कारों को विशेष छूट देने से देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की गति धीमी होगी। महिंद्रा ने चेताया कि यह कदम कार निर्माता कंपनियों को उत्सर्जन लक्ष्य पूरा करने के लिए हाइब्रिड और अन्य उन्नत तकनीक पर ध्यान देने की बजाय पारंपरिक पेट्रोल-डीजल इंजन प्लेटफॉर्म सुधारने के लिए प्रोत्साहित करेगा। टाटा मोटर्स ने भी उल्लेख किया कि भार-आधारित छूट से निवेश और नवाचार में बाधा आएगी, क्योंकि हल्की कारों का 95 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी केवल एक ओईएम के पास है। दोनों कंपनियों ने कहा कि ऐसे बदलाव से बराबरी के अवसर प्रभावित होंगे और सुरक्षित तथा स्वच्छ कारों की दिशा में देश की प्रगति धीमी होगी। कैफे ढांचा औसत कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन लक्ष्य तय करता है, जिसे हर वाहन निर्माता कंपनी को पूरा करना होता है। लक्ष्य न पूरा होने पर ऊर्जा दक्षता ब्यूरो सख्त दंड लगा सकता है। सतीश मोरे/29नवंबर ---