-विपक्ष के साथ बनर्जी ने कहा था इस कानून को बंगाल में लागू नहीं होने देंगी नई दिल्ली,(ईएमएस)। केंद्र सरकार ने इस साल अप्रैल में वक्फद कानून में संशोधन किया था। इसमें कई नए प्रावधान जोड़े गए हैं, जिनका विपक्षी दलों और उनके द्वारा शासित राज्योंो की सरकारों ने कड़ा विरोध किया था। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने इसकी जमकर विरोध किया था। उन्होंरने कहा था कि वे इस संशोधित कानून को पश्चिम बंगाल में लागू नहीं होने देंगी। अब उनका रुख बदल गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ममता सरकार ने वक्फ संशोधन कानून-2025 को बंगाल में लागू करने को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। वक्फ संपत्तियों को केंद्रीय पोर्टल पर अपलोड करने को लेकर डेडलाइन जारी कर दी है। प्रदेश के माइनॉरिटी डिपार्टमेंट की ओर से आठ बिंदुओं में प्रोग्राम भी जारी किया है। अधिकारियों के मुताबिक ममता सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि राज्य की करीब 82,000 वक्फ़ संपत्तियों का विवरण 5 दिसंबर से पहले केंद्र के पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाए। बता दें यह कानून इस साल अप्रैल में संसद के दोनों सदनों से पारित हुआ था। बंगाल के अल्पसंख्यक विकास विभाग के सचिव पीबी सलीम ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों को पत्र भेजकर कहा कि हर जिले की वक्फ़ संपत्तियों की जानकारी तय समय में अपलोड की जाए। डेटा एंट्री दो हिस्सों में की जाएगी। पहला, व्यक्तिगत मुतवल्लियों द्वारा ओटीपी-आधारित प्रारंभिक रजिस्ट्रेशन और दूसरा, वक्फ संपत्ति से जुड़े विवरणों का पंजीकरण। विवादित वक्फ संपत्तियों को इस चरण में रजिस्टवर्ड करने की जरुरत नहीं है। यह भी निर्देश दिए हैं कि कार्य के लिए अधिकारियों को विशेष रूप से नियुक्त करें और दैनिक प्रगति की निगरानी करें। राज्य स्तर के दफ्तरों से वरिष्ठ अधिकारियों को अपने-अपने जिलों के दौरे पर भेजा जाए। आठ जिलों में हेल्प डेस्क बनाए जा चुके हैं और बाकी जिले भी ऐसे ही हेल्प डेस्क बना सकते हैं। राज्य वक्फ बोर्ड की ओर से हर दिन दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक वर्चुअल मोड में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें राज्यभर के सभी दफ्तरों से लोग जुड़ सकते हैं। ममता सरकार का यह फैसला राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। कानून के मुताबिक देश की सभी रजिस्टरर्ड वक्फ संपत्तियों की जानकारी छह महीने के भीतर केंद्र के पोर्टल पर डालना अनिवार्य है। राज्य सरकार के पत्र में कहा गया है कि बंगाल में 8,000 से ज्यादा वक्फ एस्टेट हैं और उनसे संबंधित सभी विवरण संबंधित मुतवल्लियों द्वारा अपलोड किए जाने चाहिए। सिराज/ईएमएस 29नवंबर25