० महिलाओं ने ई-केवाईसी की तिथि बढ़ाने की रखी मांग जगदलपुर (ईएमएस)। बस्तर जिले में महतारी वंदन योजना का लाभ हजारों महिलाओं तक नहीं पहुंच पा रहा है। मुख्य वजह है, आधार व अन्य दस्तावेजों का ई-केवाईसी पूरा न होना। जिले की 18,290 महिलाओं के खाते होल्ड कर दिए गए हैं। इसके लिए शासन ने ई-केवाईसी कराने कहा है। लेकिन विडंबना यह है कि महिलाएं च्वाइस सेंटरों में तो पहुंच रहीं हैं, लेकिन सर्वर डाउन और भीड़ से परेशान हैं। इसके चलते महिलाएं च्वाइस सेंटरों से बैरंग लौट रहीं हैं। महिला बाल विकास विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 27 नवंबर तक ई-केवाईसी कराने समय दिया गया था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार ई-केवाईसी कराने समय सीमा आगे बढ़ायी जा सकती है। विभागीय अधिकारीयों के अनुसार, महिलाओं की सुविधा के लिए 100 च्वाइस सेंटर में ई-केवाईसी की व्यवस्था की गई है। इस प्रक्रिया के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। विभाग का कहना है कि ई-केवाईसी नहीं कराने वाले हितग्राहियो का आने वाले समय में भुगतान पूरी तरह रोकना पड़ सकता है। वहीं बताया गया कि अधिकांश महिलाओं के आधार 10-11 साल पुराने हैं, जिन्हें अपडेट नहीं किया गया। आधार अपडेट न होने के कारण डीबीटी की राशि उनके बैंक खातों में ट्रांसफर नहीं हो पा रही है। आधार अपडेट और बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद भुगतान सुचारू हो जाएगा। बताया जा रहा है कि इसके लिए 27 नवंबर आखिरी तारीख थी। लेकिन आखिरी तारीख में भी सर्वर डाउन होने से महिलाओं का ई केवासी नहीं हो पाया है। इससे महिलाएं चिंतित हैं। उनका मनना है कि इसके लिए सरकार डेट आगे बढ़ाए ताकि उनका ई केवायसी हो सके। गौरतलब है कि सरकार ने हजारों महिलाओं को महतारी वंदन की राशि देने के लिए ई केवायसी कराना अनिवार्य कर दिया है। बस्तर जिले में पंजीकृत महिलाएं 1,94,510, वर्तमान लाभार्थी 1,76,220, ई-केवाईसी शेष 12,290, खाते में राशि न पहुँची 18,290, मृत पाई गई लाभार्थी 3,716, मासिक व्यय लगभग 17 करोड़ रुपए है। जिन महिलाओं के खाते में राशि नहीं पहुंची है, उन्हें च्वाइस सेंटर में जाकर आधार अपडेट और ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। डीबीटी की राशि जारी हो चुकी है, लेकिन दस्तावेज अपूर्ण होने से खाते में ट्रांसफर अटका हुआ है। सुधीर जैन/चंद्राकर/29 नवंबर 2025