० कभी थी 15 एरिया कमेटी, अब 7 कमेटियां ही सक्रिय हैं जगदलपुर (ईएमएस)। नक्सल मुक्त बस्तर अभियान अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार और फोर्स ने मिशन 2026 को प्रभावी तौर पर लागू किया हुआ है। इस अभियान का असर यह हुआ कि बड़ी संख्या में नक्सली सरेंडर कर रहे हैं और जो सरेंडर नहीं कर रहे हैं फोर्स उन्हें न्यूटल कर रही है। इस बीच बस्तर के आधे से ज्यादा हिस्से से अब नक्सलवाद खत्म हो गया है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि पूरे बस्तर में नक्सलियों के सात डिवीजन और करीब 15 एरिया कमेटी काम कर रही थीं। इस बीच फोर्स ने मिशन 2026 की शुरूआत की तो पहले फोर्स ने बड़े नक्सलियों को ढेर किया और इसके बाद फिर सरेंडर की शुरूआत हुई। इस पूरे अभियान का नतीजा यह हुआ कि अब बस्तर में लाल गलियारा सिमटता जा रहा है। मिशन 2026 के शुरू होने के बाद से फोर्स के दबाव के चलते नक्सलियों के अबूझमाड़, केशकाल, पूर्वी बस्तर समेत चार डिवीजन में नक्सल मुक्त हो चुके हैं या दूसरे शब्दों में अब यहां नक्सली गतिविधियां शून्य हो गई हैं। इसी तरह इन डिवीजन कमेटी के अंतर्गत संचालित होने वाली 8 एरिया कमेटी में भी नक्सल गतिविधियां खत्म हो गई हैं। उन्होंने बताया कि अब दरभा डिवीजन के हेड चैतू ने भी सरेंडर कर दिया है। ऐसे में दरभा डिवीजन में भी जो गिनती के लोग हैं, वह जल्द ही सरेंडर कर दें या फिर फोर्स कार्रवाई करेगी। चैतू के सरेंडर के बाद अब दरभा डिवीजन भी खत्म होने के कगार पर पहुंच चुकी है। इसके अलावा बाकी दो डिवीजन के नक्सलियों को भी सरेंडर करने कहा जा रहा है। दरभा डिवीजन हेड चैतू के साथ दस नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इसके साथ ही अब पूरे बस्तर संभाग में हथियारबंद नक्सलियों की संख्या 120 से 150 के बीच ही शेष बची है। आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि ज्यादातर नक्सली या तो मारे गए हैं या सरेंडर चुके हैं। अभी जो थोड़े बहुत हथियार बंद नक्सली बचे हैं, वह नक्सलियों की साउथ डिवीजन कमेटी के साथ हैं। सुधीर जैन/चंद्राकर/29 नवंबर 2025