राज्य
29-Nov-2025


जबलपुर (ईएमएस)। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री संजीव सचदेवा तथा न्यायाधीश श्री विनय ाराफ की संयुक्तपीठ ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बच्चों की मौतों के मामले में जबलपुर के दवा वितरक की याचिका को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया है। संयुक्तपीठ ने उक्त मामले में एकलपीठ के आदेश को बरकरार रखते हुए दवा वितरक को किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया। गौरतलब हो कि छि़ंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बच्चों की मौत के बाद सरकार ने डॉक्टरों और दवा निर्माता पर मामले दर्ज किए थे। इसके साथ ही उक्त कफ सिरप की सप्लाई करने वाले जबलपुर के वितरक राजपाल कटारिया के ठिकानों पर छापेमारी कर दवाएं जब्त की गईं। इसके साथ ही दुकान सील की गई और लाइसेंस निलंबित किया गया। शासन की उक्त कार्रवाई को चुनौती देते हुए दवा वितरक कटारिया ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी जिसे एकलपीठ ने खारिज करते हुए याचिकाकर्ता को सरकार के समक्ष पक्ष रखने की स्वतंत्रता दी थी। इसके विरुद्ध कटारिया ने संयक्तपीठ के समक्ष अपील दायर की जिसे सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली संयुक्तपीठ ने अस्वीकार कर दिया। न्यायालय ने अपनी टिप्पणी में कहा कि यह चिकित्सा इतिहास के सबसे चौंकाने वाले मामलों में से एक है, जिसमें कोल्ड्रिफ नामक कफ सिरप के कथित सेवन से अगस्त, सितंबर और अक्टूबर महीनों में लगभग 30 बच्चों की मौत हुई। इसी आधार पर संयुक्तपीठ ने दवा वितरक की अपील पर विचार करने से इनकार कर दिया। गौरतलब हो कि छिंदवाड़ा में विषैला कफ सिरप से कई बच्चों की मौत के बाद डॉ. प्रवीण सोनी और उसकी पत्नी, तमिलनाडु स्थित श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के मालिक गोविंदन रंगनाथन सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद कई राज्यों ने कोल्ड्रिफ पर प्रतिबंध लगाया गया। जांच में सिरप में विषैला डायथिलीन ग्लाइकॉल पाए जाने की बात सामने आई। यहां मध्यप्रदेश राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआइटी का गठन किया। .../ 29 नवम्बर/2025