राज्य
29-Nov-2025


-जमीयत उलेमा-ए-हिंद की गवर्निंग बॉडी मीटिंग में मौलाना महमूद मदनी ने सुप्रीम कोर्ट पर उठाए सवाल, बोले भोपाल (ईएमएस)। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की गवर्निंग बॉडी काउंसिल की मीटिंग में मौलाना महमूद मदनी ने सुप्रीम कोर्ट पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मदनी ने कहा कि अदालतें सरकार के दबाव में काम कर रही हैं। मदनी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट उसी समय ‘सुप्रीम’ कहलाने का हकदार है जब वह संविधान की पाबंदी करे। मदनी ने कहा कि जब जब जुल्म होगा तब तब जिहाद होगा। जिहाद पर मौलाना महमूद असद मदनी ने कहा- इस्लाम के दुश्मनों में जिहाद शब्द हिंसा का हमनाम बना दिया है। लव जिहाद, लैंड जिहाद, थूक जिहाद जैसे शब्द इस्तेमाल करके मुसलमानों की तौहीन की जा रही है। ये साफ होना चाहिए इस्लाम में जिहाद एक पवित्र कर्तव्य है। कुरान में जिहाद के कई अर्थ है। समाज और इंसानियत के बुलंदी के लिए हुआ है, जहां जंग के मायने में इस्तेमाल हुआ है तो जुल्म के खात्मे के लिए हुआ है। जब जब जुल्म तब तब जिहाद होगा। इस्लामी विद्वान मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि देश की वर्तमान स्थिति अत्यंत संवेदनशील और चिंताजनक है। दु:ख की बात है कि एक विशेष समुदाय को जबरन निशाना बनाया जा रहा है, जबकि अन्य समुदायों को कानूनी रूप से शक्तिहीन, सामाजिक रूप से अलग-थलग और आर्थिक रूप से अपमानित किया जा रहा है। भीड़ द्वारा हत्या, बुलडोजर कार्रवाई, वक्फ संपत्तियों पर कब्ज़ा और धार्मिक मदरसों व सुधारों के विरुद्ध नकारात्मक अभियान जैसे व्यवस्थित और संगठित प्रयास उनके धर्म, पहचान और अस्तित्व को कमज़ोर करने के लिए किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि एसआईआर भी किया जा रहा है, और यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा है। अगर हम इस पर कड़ी नजऱ रखें, तो हम निराशा से बच सकते हैं, क्योंकि निराशा किसी भी समुदाय के लिए ज़हर है और अगर कोई समुदाय जीवित है, तो इससे बचने की और भी ज़्यादा ज़रूरत है। सुप्रीम कहलाने का हक नहीं मौलाना महमूद मदनी ने सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा- बाबरी मस्जिद और तलाक के जुड़े मामले में प्रभाव आम है अदालतें सरकार के दबाव में काम कर रही है। इबादतगाह कानून को नजरअंदाज करके ज्ञानवापी और मथुरा का मामला कोर्ट में सुना गया। सुप्रीम कोर्ट उस वक्त ही सुप्रीम कहलाने का हकदार है जब तक संविधान की पाबंदी करे और अगर ऐसा ना करे तो सुप्रीम कहलाने का हक नहीं है। विनोद/ 29 नवम्बर/2025