-पटना में तेजस्वी के घर महागठबंधन की बैठक, विधानसभा सत्र की बनेगी रणनीति पटना,(ईएमएस)। बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद महागठबंधन में टूट की अटकलें लगने लगी हैं। हाल ही में समीक्षा के दौरान कांग्रेस के ज्यादातर उम्मीदवारों ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) से गठबंधन को चुनावी हार का जिम्मेदार बताया। इनमें से कई ने तो कांग्रेस आलाकमान को आरजेडी से गठबंधन तोड़ने की वकालत भी की। इसके बाद से सियासी पारा गर्मा गया है। हालांकि पार्टी के किसी भी बड़े नेता का गठबंधन के भविष्य को लेकर कोई बयान नहीं आया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दिनों संपन्न हुए बिहार चुनाव के नतीजों में कांग्रेस, आरजेडी और अन्य विपक्षी दलों के गठबंधन को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस 71 सीटें पर चुनाव लड़कर महज 6 सीटें जीतीं। आरजेडी ने भी 143 सीटें लड़ी और 25 पर ही जीत हासिल की। अन्य घटक दलों की स्थिति भी खराब रही। महागठबंधन कुल 243 में से महज 35 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल कर सका। बता दें बीते गुरुवार को नई दिल्ली में कांग्रेस ने बिहार चुनाव की हार की समीक्षा बैठक बुलाई थी। इसमें सभी 61 सीटों पर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के अलावा प्रदेश स्तर के नेता भी मौजूद थे। बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सभी उम्मीदवारों से 10-10 के समूह में बात की थी। सूत्रों के मुताबिक अधिकतर उम्मीदवारों ने आलाकमान को बताया कि तेजस्वी यादव की पार्टी राजद से गठबंधन की वजह से कांग्रेस को बुरी हार का सामना करना पड़ा। अगर कांग्रेस इस चुनाव में अकेले चुनाव लड़ती तो परिणाम बेहतर हो सकते थे। प्रत्याशियों ने कहा कि कांग्रेस को आरजेडी से गठबंधन खत्म कर देना चाहिए। उन्होंने महागठबंधन में सीट बंटवारे में देरी होने और करीब एक दर्जन सीटों पर फ्रेंडली फाइट को भी हार की वजह माना। हालांकि, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इस पर कुछ नहीं बोल रहे हैं। दिल्ली में समीक्षा बैठक के बाद बिहार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह से जब आरजेडी से गठबंधन तोड़ने के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इसका फैसला आलाकमान करेगा। फिलहाल महागठबंधन में शामिल घटक दल अपने-अपने स्तर पर हार की समीक्षा कर रहे हैं। आरजेडी में प्रमंडलवार प्रत्याशियों से फीडबैक लिया जा रहा है। चुनाव में विरोधियों के हित में काम करने वाले भितरघातियों की पहचान भी की जा रही है। इस बीच बिहार विधानसभा का सत्र 1 दिसंबर से होगा। इसमें नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी। नीतीश सरकार अपना अनुपूरक बजट भी सदन में पेश करेगी। पटना में तेजस्वी यादव के घर पर महागठबंधन की बैठक बुलाई है। इसमें राजद, कांग्रेस और वाम दलों के विधायक शामिल होंगे। इसमें विधानसभा सत्र की रणनीति को लेकर चर्चा की जाएगी। सिराज/ईएमएस 29नवंबर25