* चिंतन शिविर के समापन दिवस पर उत्कृष्ट प्रशासनिक सेवा के लिए किया गया सम्मान * प्रत्येक अधिकारी को 51 हजार रुपए एवं जिले के विकास हेतु 40 लाख की प्रोत्साहक ग्रांट वलसाड (ईएमएस)| मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने धरमपुर स्थित श्रीमद राजचंद्र आश्रम में आयोजित तीन दिवसीय 12वीं चिंतन शिविर के समापन अवसर पर वर्ष 2024–2025 के बीच उत्कृष्ट प्रशासनिक सेवाएं प्रदान करने वाले चार सनदी अधिकारियों को कर्मयोगी पुरस्कार प्रदान किए। उपमुख्यमंत्री हर्ष संधवी की उपस्थिति में यह सम्मान समारोह आयोजित हुआ। जिन सनदी अधिकारियों को यह कर्मयोगी सम्मान मिला उनमें वलसाड के तत्कालीन कलेक्टर नैमेष दवे, पाटण के तत्कालीन कलेक्टर अरविंद वी., मोरबी के तत्कालीन जिला विकास अधिकारी जे. एस. प्रजापति तथा आनंद के तत्कालीन जिला विकास अधिकारी मिलिंद बापना का समावेश है। इस पुरस्कार के अंतर्गत प्रत्येक अधिकारी को 51 हजार रुपये का नकद पुरस्कार तथा जिस जिले का वे प्रतिनिधित्व करते हैं, उसके विकास के लिए 40 लाख रुपये की प्रोत्साहक ग्रांट प्रदान की गई। राज्य प्रशासन में गतिशीलता लाने और उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिला कलेक्टरों एवं जिला विकास अधिकारियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वर्ष 2005 से कर्मयोगी पुरस्कार योजना शुरू की गई है। इसके तहत प्रशासन में आधुनिक उपकरणों का उपयोग, नवीन योजनाओं–कार्यक्रमों सहित विभिन्न मानकों को ध्यान में रखते हुए सीएम डैशबोर्ड में निर्धारित KPI (Key Performance Indicator) के आधार पर मूल्यांकन किया जाता है। जिला कलेक्टरों के लिए 81 KPI तथा जिला विकास अधिकारियों के लिए 73 KPI तय किए गए हैं। इस योजना में सर्वश्रेष्ठ जिला कलेक्टर/सर्वश्रेष्ठ जिला विकास अधिकारी को कुल 100 अंकों के मूल्यांकन के आधार पर संबंधित विभागों एवं मुख्य सचिव की अनुशंसा के अनुसार राज्य सरकार पुरस्कार प्रदान करती है। इसमें 15 लाख से अधिक आबादी वाले एवं नगर निगम क्षेत्र वाले जिलों तथा 15 लाख तक की आबादी वाले जिलों – ऐसी दो श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाते हैं। 12वीं चिंतन शिविर के समापन दिवस पर दोनों श्रेणियों में दो कलेक्टर और दो जिला विकास अधिकारियों सहित कुल चार सनदी अधिकारियों को वर्ष 2024–25 के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। सतीश/29 नवंबर