राज्य
29-Nov-2025
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मुंबई, (ईएमएस)। मुंबई शहर और आस-पास के इलाकों में बढ़ते प्रदूषण की वजह से बीमार पड़ने वाले लोगों की संख्या बढ़ गई है। इस बीच बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई महानगरपालिका और महाराष्ट्र पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (एमपीसीबी) को शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने और हवा का दर्जा को बेहतर बनाने में लापरवाही बरतने पर कड़ी नाराज़गी जताई। हाई कोर्ट ने कहा, मुंबई में सभी कंस्ट्रक्शन साइट्स पर सिर्फ़ पॉल्यूशन मॉनिटरिंग सिस्टम और ऊँची दीवारें लगाना ज़रूरी करना काफ़ी नहीं है। कोर्ट ने कहा कि यह भी देखना ज़रूरी है कि ये लागू हो रहे हैं या नहीं, इसके लिए एक विशेष समिति बनाने का आदेश दिया और सुनवाई 15 दिसंबर तक टाल दी। कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया कि एक्यूआई में सुधार होने तक लोगों को रेलवे स्टेशन, भीड़-भाड़ वाली जगहों और दूसरी सार्वजानिक जगहों पर मास्क देने पर विचार करना चाहिए। हाई कोर्ट ने साफ़ किया कि इस कमेटी में अमायकस क्युरी के ऑफिस, मुंबई महानगरपालिका, एमपीसीबी और पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट का एक व्यक्ति शामिल होगा। यह कमेटी सबसे खराब एयर क्वालिटी इंडेक्स वाली जगहों पर जाकर उनका इंस्पेक्शन करेगी। हाई कोर्ट ने अपने निर्देशों में साफ़ किया है कि वह यह देखेगा कि उस जगह पर प्रशासन के बनाए नियमों का पालन हो रहा है या नहीं और अगली सुनवाई में अपनी रिपोर्ट देगा। आपको बता दें कि मुंबई में प्रदूषण की वजह से हवा की क्वालिटी खराब हो गई है और बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस बारे में खुद से एक पिटीशन फाइल की है। इस पिटीशन पर मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायाधीश गौतम अखंड की बेंच के सामने सुनवाई हुई। हाई कोर्ट ने कहा, अगर संबंधित लोग कंस्ट्रक्शन साइट पर तय नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो कंस्ट्रक्शन रोकने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश ने राय दी कि यह कार्रवाई करते समय आर्थिक नुकसान के मुद्दे पर भी विचार किया जाना चाहिए। इसके लिए, हाई कोर्ट ने पिछली सुनवाई में आदेश दिया था कि सभी कंस्ट्रक्शन के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) होना चाहिए। स्वेता/संतोष झा- २९ नवंबर/२०२५/ईएमएस