लेह,(ईएमएस)। लेह हिंसा की जांच कर रहे ज्यूडिशियल जांच कमीशन ने लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) के औपचारिक अनुरोध के बाद बयान दर्ज करने और सबूत जमा करने की समय सीमा 10 दिन बढ़ाई है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बीएस चौहान की अध्यक्षता वाले 3 सदस्यों वाले कमीशन को 17 अक्टूबर को गृह मंत्रालय ने पता लगाने के लिए नोटिफाई किया था कि 24 सितंबर को लेह में हिंसा वजह क्या थी। आदेश के अनुसार, आयोग को 27 नवंबर को एलएबी के को-चेयरमैन से लिखित अनुरोध मिला, जिसमें अतिरिक्त समय मांगा गया था, यह कहते हुए कि बहुत से लोग अभी भी आयोग के सामने अपने बयान देना और सबूत जमा करना चाहते हैं। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची का दर्जा देने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प में चार आम लोगों की मौत हो गई और 90 लोग घायल हो गए, जिससे महीनों से चल रहा आंदोलन और बढ़ गया। आशीष दुबे / 29 नवबंर 2025