राज्य
29-Nov-2025
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मुंबई, (ईएमएस)। विधानमंडल के अधिवेशन के दौरान मुख्यमंत्री और मंत्रियों की तरफ से कोई भी मुद्दा उठाया जाता है। साथ ही, सदन में निवेदन और जानकारी पेश की जाती है। मुख्यमंत्री और मंत्री बैठक का वादा करते हैं। ऐसे में मंत्रालय के संबंधित विभागों के अधिकारियों को आदेश का इंतजार किए बिना तुरंत कार्रवाई लेना चाहिए, नहीं तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। सरकार ने इस बारे में एक आदेश जारी किया। मालूम हो कि नागपुर में शीतकालीन अधिवेशन 8 दिसंबर से शुरू हो रहा है। अधिवेशन को देखते हुए सरकार ने सभी विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं और उन्हें अधिवेशन का काम बहुत गंभीरता से संभालने का आदेश दिया है। यह आदेश संसदीय कार्य विभाग के सचिव सतीश वाघुले ने जारी किया है। सरकारी सर्कुलर के मुताबिक, विभागों को क्यूआईएस सिस्टम के जरिए तारांकित और अतारांकित सवालों के जवाब समय पर और पूरे तरीके से जमा करना जरूरी है। क्लैरिफ़िकेशन के लिए भेजे गए सुझावों की जानकारी तीन दिन के अंदर विधानमंडल सचिवालय को भेजनी होगी और अधिवेशन के दौरान मिले ध्यानाकर्षण सुझावों पर निवेदन अधिवेशन खत्म होने से पहले ज़रूरी तौर पर जमा करने होंगे। मंत्रियों और राज्य मंत्रियों से उम्मीद की जाती है कि वे सरकारी बिलों पर चर्चा के लिए संतोषजनक जवाब दें। इसके लिए, सरकार के फ़ैसले में कहा गया है कि हर बिल के बारे में सचिव द्वारा सेल्फ़-एक्सप्लेनेटरी कमेंट्स तैयार करके मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजे जाने चाहिए। संजय/संतोष झा- २९ नवंबर/२०२५/ईएमएस