बैंकों की नीलाम करने की धमकी वेयर हाउस कॉरपोरेशन से नहीं मिल रहा किराया भोपाल (ईएमएस)। मध्य प्रदेश में वेयर हाउसिंग का ढांचा बुरी तरीके से गड़बड़ा गया है। मध्य प्रदेश में 8600 से अधिक वेयरहाउस बने हुए हैं। इसमें से 7000 वेयरहाउस कॉरपोरेशन से जुड़े हुए हैं।1600 वेयर हाउस अन्य ने किराए पर ले रखे हैं। मध्य प्रदेश में भंडारण क्षमता 4।20 लाख करोड़ मैट्रिक टन की है। जबकि मध्य प्रदेश में इस समय कुल भंडारण लगभग 80 लाख मैट्रिक टन का है।सैकड़ो वेयरहाउस खाली पड़े हुए हैं, या क्षमता से कम खाद्यान्न का स्टॉक है। जिसके कारण वेयरहाउस संचालकों को क्षमता के अनुसार किराया नहीं मिल पा रहा है। वेयरहाउसिंग कारपोरेशन ने कई वेयर हाउस संचालकों को 3 साल से किराया नहीं दिया है। वेयर हाउस बनवाने में नेताओं और अधिकारियों के परिवार जनों ने सबसे ज्यादा वेयर हाउस बनवाए हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने सब्सिडी और बैंक से कर्ज दिलवाया था। नेताओं और रसूख वाले वेयर हाउस संचालकों के वेयर हाउस सबसे पहले भरे जाते हैं। उन्हीं को वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन से पहले किराया मिल जाता है। जिन आम किसानों ने और साधारण लोगों ने वेयरहाउस बनवाए हैं।उन्हें तीन-तीन साल से किराया नहीं मिला है। वेयरहाउसिंग कारपोरेशन के अधिकारी अलग रोना रोते हुए दिख रहे हैं। उनका कहना है, सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन, एमपी स्टेट को ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन, नेशनल एग्रीकल्चर को ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन और नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर फेडरेशन की ओर से किराया नहीं मिलने के कारण वह वेयर हाउस संचालकों को पेमेंट नहीं कर पा रहे हैं। मध्य प्रदेश में अधिकांश वेयर हाउस बैंक से लोन लेकर बनवाए गए हैं। किराया समय पर नहीं मिलने के कारण वेयरहाउस संचालकों के ऊपर बैंक जुर्माना और चक्रवर्ती ब्याज वसूल कर रहे हैं। वहीं कई वेयरहाउस मालिकों को समय पर किस्त जमा नहीं करने के कारण एनपीए की श्रेणी में शामिल कर लिया गया है। जिसके कारण वेयर हाउस नीलाम होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। राज्य सरकार के पास पिछले दो वर्षों से वेयरहाउस संचालक किराए के लिए गुहार लगा रहे हैं। जो वेयरहाउस खाली पड़े हुए हैं। उनके बारे में शासन को बता रहे हैं। वेयर हाउस संचालकों की कोई सुनवाई मध्य प्रदेश में नहीं हो रही है। सरकार भंडारण की नीति में परिवर्तन भी नहीं कर रही है। जिसका खामियाजा वेयर हाउस संचालकों को भोगना पड़ रहा है। मध्य प्रदेश में वेयरहाउसिंग का ढांचा पूरी तरह से गड़बड़ाता जा रहा है। सरकार को समय रहते हुए इस समस्या का निदान करने के लिए आगे आना होगा। एसजे/ईएमएस/29/11/2025