अंतर्राष्ट्रीय
29-Nov-2025


दो टूक कहा, अगले साल होने वाली जी20 समिट में नहीं बुलाऊंगा दक्षिण अफ्रीका को वाशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सफाई देकर बताया है कि आखिर अमेरिका ने हाल ही में साउथ अफ्रीका में हुई जी20 समिट में हिस्सा क्यों नहीं लिया। इतना ही नहीं उन्होंने घोषणा की कि अगले साल जब अमेरिका जी20 की अध्यक्षता करेगा, तब द.अफ्रीका को आमंत्रण ही नहीं भेजा जाएगा। इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अफ्रीकानर्स और डच, फ्रेंच, जर्मन मूल के बसने वालों पर मानवाधिकार उल्लंघन हो रहे हैं। ट्रंप ने दावा किया, ‘साफ शब्दों में कहूं, वे श्वेत लोगों को मार रहे हैं और उनकी जमीन छीनने रहे हैं। यहां पुराना आरोप है जिसे ट्रंप पहले भी कई बार दोहरा चुके हैं, हालांकि साउथ अफ्रीकी सरकार और व्हाइट समुदाय के कई नेताओं ने ट्रंप के इन आरोपों को पहले भी खारिज किया है। जी20 समिट पिछले हफ्ते जोहान्सबर्ग में हुई थी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई वैश्विक नेता मौजूद थे। अमेरिका ने पहले ही संकेत दिया था कि वह इस बार समिट में हिस्सा नहीं लेगा। अब ट्रंप ने कहा कि साउथ अफ्रीका जमीन पर हो रहे अत्याचारों पर चुप है, इसलिए अमेरिका ने दूरी बनाई। इतना ही नहीं ट्रंप ने कहा है कि वह अमेरिका में होने वाले जी20 में साउथ अफ्रीका को नहीं बुलाने वाले हैं। इसका उन्होंने कारण बताकर कहा कि द.अफ्रीका ने औपचारिक रूप से अध्यक्षता नहीं सौंपी थी। उन्होंने पोस्ट में लिखा,’जी-20 के समापन पर, दक्षिण अफ्रीका ने हमारे अमेरिकी दूतावास के एक वरिष्ठ प्रतिनिधि को जी-20 की अध्यक्षता सौंपने से इंकार कर दिया, जो समापन समारोह में उपस्थित थे। इसलिए, मेरे निर्देश पर, दक्षिण अफ्रीका को 2026 के जी-20 का निमंत्रण नहीं मिलेगा, जिसका आयोजन अगले वर्ष फ्लोरिडा के मियामी शहर में होगा। वहीं दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति ने अमेरिका को अध्यक्षता नहीं सौंपी थी। इसका कारण बताकर दक्षिण अफ्रीका ने कहा था कि राष्ट्रपति किसी को भी अध्यक्षता नहीं दे सकते। ऐसा नहीं हो सकता कि अमेरिका किसी भी अधिकारी को भेज दे और राष्ट्रपति अध्यक्षता सौंप दें। अमेरिका को उनके ही लेवल का नेता भेजना चाहिए था न कि दूतावास का कोई अधिकारी। दक्षिण अफ्रीका ने कहा था कि उनके विदेश मंत्रालय का कोई अधिकारी जल्द ही दूतावास में जाकर अध्यक्षता दे देगा। वहीं राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने कहा कि यह फैसला निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार हमेशा अमेरिका के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश करती आई है। साउथ अफ्रीका की विदेश मंत्रालय ने भी ट्रंप के दावे को गलत बताकर कहा कि चूंकि अमेरिका का कोई प्रतिनिधि समिट में मौजूद नहीं था, इसलिए जी20 की अध्यक्षता का प्रतीक चिह्न (गैवल) अमेरिकी दूतावास के प्रतिनिधि को बाद में उनके मंत्रालय के मुख्यालय में सौंप दिया गया था। आशीष दुबे / 29 नवबंर 2025