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29-Nov-2025
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नई दिल्ली,(ईएमएस)। दिल्ली के लाल किला विस्फोट मामले में अब दिल्ली पुलिस ने एक और बड़ा कदम उठा दिया है। इसके तहत दिल्ली के सभी निजी अस्पतालों को नोटिस जारी कर उन डॉक्टरों की सूची मांगी गई है, जिन्होंने पाकिस्तान, बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात और चीन से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की है और दिल्ली में वर्तमान में प्रैक्टिस कर रहे हैं। इस बीच जांच एजेंसी एनआईभी भी आत्मघाती हमलावर उमर नबी और अल फलाह विश्वविद्यालय के डॉक्टर के बीच संबंधों की जांच में जुटी हुई हैं। एनआईए ने अल-फलाह विश्वविद्यालय के 30 डॉक्टरों के बयान दर्ज किए हैं। डॉक्टरों से उमर और उसके व्यवहार के बारे में पूछताछ की गई। साथी डॉक्टरों ने बताया कि उमर का व्यवहार बहुत रूखा था और वह अपने कमरे में कुछ चुनिंदा लोगों को आने देता था। इसके अलावा 26 नवंबर को दिल्ली ब्लास्ट मामले में एनआईए (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) ने आरोपी शोएब को 10 दिन की रिमांड पर लिया है। शोएब को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया था। इसके बाद पाटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां एनआईए रिमांड को मंजूरी मिली। दिल्ली ब्लास्ट मामले में एक और आरोपी आमिर राशिद अली, जिसकी एनआईए कस्टडी उसी दिन समाप्त हो रही थी, उस भी कोर्ट में पेश किया गया और उसकी कस्टडी को 7 दिन और बढ़ा दिया गया। यह कार बम ब्लास्ट 10 नवंबर को लाल किले के पास हुआ था, जिसमें कई लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। शोएब मामले में गिरफ्तार किया सातवां आरोपी है। इससे पहले, एनआईए ने उमर के छह करीबी सहयोगियों को गिरफ्तार किया था। एनआईए का उद्देश्य है कि इस हमले के पीछे कार्यरत पूरे आतंक नेटवर्क के सभी सदस्य पकड़े जाएं। आशीष दुबे / 29 नवबंर 2025