राज्य
29-Nov-2025
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जांच आगे बढ़ी तो लपेटे में आए 2 दर्जन आरक्षक जबलपुर, (ईएमएस)। रांझी स्थित एसएएफ की छठवीं बटालियन में यात्रा भत्ता घोटाले में ज्यों ज्यों जांच आगे बढ़ रही है, त्यों त्यों उसकी परतें खुलती जा रही हैं. लगभग 2 करोड़ रुपये के इस घोटाले में पहले 10 से 12 लोगों के नाम सामने आए थे. अब जब जांच के बिंदू आगे बढ़ाए गये तो 20 से 25 आरक्षक और प्रधान आरक्षकों के नाम भी सामने आ गये. जांच में आए तथ्यों में खास बात यह है की इन आरक्षकों को नौकरी करते ज्यादा समय नहीं हुआ लेकिन इनके बैंक खातों में लाखों रुपये जमा है. एक आरक्षक अभिषेक झारिया के खाते में तो 55 लाख रुपये का भुगतान हो गया. यहां गौरतलब है की अभिषेक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है. यह मामला उस समय उजागर हुआ जब स्टेट फायनेंस इंटेलीजेंस सेल की नजर उसके खाते पर पड़ी. फिर इन आरक्षकों के खातों की बारीकी से जांच की गई. इनमें से कुछ आरक्षक ऐसे भी शामिल हैं जिनका दूसरा जिलों में तबादला हो चुका है, इन्हें अब नोटिस देकर बुलाया जा रहा है. 6 सदस्यीय टीम गठित... इस मामले में जबलपुर कलेक्टर के पास भी एक पत्र कोष लेखा विभाग से पहुंचा है. इसके बाद जिला पंचायत सीईओ के नेतृत्व में 6 सदस्यीय टीम गठित की गई है. टीम को जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है. गौरतलब है कि एसएएफ में जब किसी आरक्षक की भर्ती होती है तो उसका वेतन 25 हजार रुपए प्रतिमाह होता है तो पांच साल की नौकरी में बढ़कर 30 हजार रुपए तक पहुंचता है. लेकिन जांच में पता चला कि इन आरक्षकों के खाते में सैलरी से 200 गुंना अधिक राशि जमा हुई है. 12 आरक्षकों के खाते में 10 लाख से अधिक की राशि तो केवल टीए बिल से भुगतान की गई है. स्टेट फाइनेंस इंटेलिजेंस सेल की जांच में पता चला है कि 6वीं बटालियन एसएएफ रांझी जबलपुर में यात्रा भत्ता देयक, चिकित्सा भत्ता देयक और एफवीसी देयकों से कर्मचारियों को अत्यधिक राशि का भुगतान किया गया है. मामले में एसएएफ के कमांडेंट सिद्धार्थ चौधरी ने 3 सदस्यीय जांच समिति बनाई है. इस टीम ने 20 से ज्यादा आरोपियों के बयान लिए हैं. एक आरक्षक, 582 यात्रा देयकों में 55 लाख रुपए का भुगतान............ सूत्रों का कहना है की जांच में सामने आया कि अभिषेक झारिया को लगभग 55 लाख रुपए का भुगतान 582 यात्रा भत्ता देयकों के माध्यम में किया गया. यह भुगतान 2018-19 से अब तक की अवधि में हुआ है. जबकि अब तक अभिषेक को वेतन और एरियर से 26 लाख रुपए का भुगतान हुआ है. यानी टीए भत्ते से मिले रुपए वेतन की तुलना में लगभग 210 प्रतिशत अधिक हैं. इसी प्रकार नीतेश कुमार पटेल को वेतन भत्तों में इसी अवधि में 102 वेतन एवं वेतन एरियर देयकों में 24.67 लाख दिए गए. जबकि यात्रा भत्तों में 335 देयकों से 30.51 लाख का भुगतान हुआ है. इस प्रकार उसे भी वेतन से अधिक भुगतान यात्रा भत्तों में किया गया है. बाबू लालच देकर जमा ट्रांसफर कराता था रुपया....... जांच में यह भी सामने आया है कि एसएएफ का बाबू सत्यम शर्मा 50 प्रतिशत से अधिक का लालच देकर अभिषेक के खाते में रुपए ट्रांसफर करवाता था. यह भी पता चला है कि जांच के घेरे से बचने के लिए सत्यम खाते में राशि न लेकर कैश लेता था. जांच के समय सत्यम के खाते में करीब 2 लाख 60 हजार रुपए मिले हैं. 20 आरक्षकों के खाते फ्रीज... जिला कोषालय अधिकारी विनायिका लकरा का कहना है कि कलेक्टर के निर्देश पर बनाई गई टीम ने जांच करना शुरू कर दिया है. 20 से अधिक आरक्षक संदेह के घेरे में हैं. उनके खाते फ्रीज कर दिए गए हैं. अभिषेक का न सिर मिला, न मोबाईल... इस मामले में जिस आरक्षक अभिषेक झारिया के खाते में 55 लाख रुपये आने की बात कही जा रही है. उसकी संदिग्ध मौत भी रहस्यम बनी हुई है. गाडरवाड़ा के समीप ट्रेन से कटकर मौत होने की बात कही जा रही है. कोई इसे आत्म हत्या बता रहा है तो वहीं परिजन इतने बड़ घोटाले की अहम कड़ी अभिषेक झारिया की सुनियोजित तरीके से हत्या किये जाने की भी आशंका बताइ जा रही है. अभी तक अभीषेक झारिया का सिर और मोबाईल दोनों नहीं मिले हैं. सूत्रों का कहना है की अभिषेक की लड़की ने घटना दिनांक को अपने पापा को फोन लगाया था. उसने जवाब दिया था की आज लेट आएंगे. एक घंटे बाद जब फोन लगाया गया तो किसी अन्य ने फोन उठाया और जवाब दिया की अभी सो रहे हैं. दूसरे दिन फिर फोन लगाया तब भी यही जवाब मिला. इससे संदेह और गहरा रहा है. सुनील साहू / शहबाज / 29 नवंबर 2025/ 07.00