राज्य
29-Nov-2025
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श्रमण परंपरा भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी संपदा- आचार्य विशद सागर महाराज भोपाल(ईएमएस)। श्री शांतिनाथ जिनालय के समीप जैन नगर लालघाटी में पंचमुखी का नवीन संत भवन बनने जा रहा है, इसका भूमि पूजन आचार्य विशद सागर महाराज सत्संग 10 साधुओं के सानिध्य में हुआ। भगवान शांतिनाथ के जयकारों के साथ विधि विधान से क्रियाएं की गई। श्रद्धालुओं ने शिलाएं अर्पित की। पंडित राजेश राज के निर्देशन में अनुष्ठान हुए। संचालन सुनील पब्लिशर द्वारा किया गया। मंदिर समिति के अध्यक्ष निर्मल जैन टी आई और संरक्षक अजय ज्योतिष ने बताया कि अचार्य संघ के सानिध्य में भगवान शांतिनाथ का अभिषेक और विश्व शांति की कामना को लेकर मंत्र उच्चारित शांति धारा की गई। पूजा अर्चना के बाद शिलान्यास की क्रियाएं हुई। नवीन संत भवन का नाम श्रमण बस्तीका भवन होगा। मंदिर समिति प्रवक्ता सौरभ इंजीनियर ने बताया कि श्री शांतिनाथ जिनालय में आने वाले समय में भव्य स्वर्णमयी प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। शिलान्यास पुनर्चक परिवार नलिन जैन थे। आचार्य विशद सागर महाराज ने आशीष वचन में कहा - भारतीय संस्कृति में श्रमण परंपरा सबसे बड़ी संपदा है। हजारों - हजारों साल से संतों की तप, त्याग और संयम साधना स्थली देश की पावन भूमि रही है। संतों का आशीर्वाद और मार्गदर्शन हमारे देश की सुख, समृद्धि और शांति का कारण है। जीवन की क्रियाओं में हमें हमेशा धर्म आराधना और साधना के साथ परोपकार के कार्य भी करना चाहिए। इस अवसर पर पंचायत कमेटी अध्यक्ष मनोज बांगा पूर्व अध्यक्ष प्रमोद हिमांशु, विनोद रेडीमेड, मनोज बबलू सुरेश शिखर टावर,सुनील पब्लिशर, अभिषेक जैन एडवोकेट, अजीत बर्फी, शैलेश स्टील प्रमोद आई टी, गौरव आई टी, मनीष दिगंबर, जयंत जैन अतुल, सपन सारफ, मुकेश नूतन, संदीप टाइल्स,मुकेश गोहिल, महिला मंडल की निशि गोदा, सरिता, ममता सुजाता, विद्युत, लता, शिखा आदि मौजूद थे। अंशुल जैन/ 29 नवम्बर, 2025