अलीगढ़ (ईएमएस)। थाना छर्रा क्षेत्र में 15 वर्ष पूर्व एक नौ वर्ष की बच्ची की हत्या में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में दोषी को 10 हजार रुपये से दंडित भी किया गया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा होगी। एडीजीसी प्रमेंद्र जैन के अनुसार छर्रा थाना क्षेत्र के मुहल्ला शिवपुरी निवासी कयूम ने छर्रा थाने में मुकदमा पंजीकृत कराया था। इसमें उसने बताया था कि 28 मई 2012 की रात नौ बजे उसकी नौ वर्ष की बेटी अलीशा घर के बाहर बच्चों के साथ खेल रही थी। लेकिन वह घर नहीं आयी। पूरी रात जब वह तलाशने के बाद भी नहीं मिली, तो सभी घबरा गए थे। दूसरे दिन गांव के कुछ लोग जब शौच के लिए गए तो उन्होंने श्मशान के पास बाईं कला रोड पर सूरजमुखी के खेत में एक बच्ची का शव देखा। जब उन्हें पता चला तो वह भी पहुंच गए। वह शव अलीशा का था। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा पंजीकृत हुआ था। वारदात के बाद भी दोषी का पता नहीं चल सका था। करीब साढ़े तीन माह बाद उन्हीं के गांव का निवासी शानू घर आया और उसने बच्ची की हत्या की बात कबूली थी। यह जानकार परिवार के लोग सन्न रह गए और फिर विवेचक को इस बारे में बताया। शानू गलत नीयत से बच्ची को अपने साथ जंगल में ले गया था। बच्ची के चीखने पर गला दबाकर हत्या कर दी थी। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। ईएमएस/धर्मेन्द्र राघव/ 29 नवंबर 2025