राष्ट्रीय
29-Nov-2025


भारत में इंडिगो, एअर इंडिया की 338 फ्लाइट्स प्रभावित नई दिल्ली(ईएमएस)। एयरबस ए320 सीरीज के विमानों में सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी के चलते शनिवार को दुनियाभर के यात्रियों को परेशान होना पड़ा है। भारत में इस कारण कई फ्लाइट्स ने 60-90 मिनट की देरी से उड़ान भरी। फ्रांसीसी कंपनी एयरबस के मुताबिक ए320 सीरीज के एयरक्राफ्ट्स पर तेज सोलर रेडिएशन का खतरा मंडरा रहा है। यह फ्लाइट कंट्रोल डेटा खराब कर सकता है, जिससे एयरक्राफ्ट्स की ऊंचाई, डायरेक्शन, कंट्रोल जैसी बेहद अहम जानकारी गलत हो सकती है। कंपनी ने इन विमानों के सॉफ्टवेयर अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। भारत में इंडिगो, एअर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ए320 सीरीज के विमानों का संचालन करती हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के अनुसार, शनिवार को सुबह 10 बजे तक कुल 338 विमानों में से 189 ए320 सीरीज के विमानों का सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन पूरा हो चुका है। दुनिया भर में 6,000 विमानों के ऑपरेशन पर असर पडऩे की खबर है। सभी प्रभावित विमानों में सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन 30 नवंबर को सुबह 5:29 बजे तक पूरा होने की उम्मीद है। अमेरिकी फ्लाइट में गड़बड़ी के बाद अपडेट का फैसला यूरोपियन यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी ने एक बयान में बताया कि हाल ही में अमेरिकी एयरलाइन जेटब्लू के एक ए320 विमान में पायलट के कमांड के बिना पिच डाउन की घटना हुई। 30 अक्टूबर, 2025 को कैनकन से नेवार्क के लिए उड़ान भरने के दौरान विमान अचानक नीचे की ओर झुकने लगा। विमान सुरक्षित तरीके से लैंड हो गया था। कुछ यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, एयरबस की प्रारंभिक जांच में एक सर्विसेबल एलिवेटर एलरॉन कम्प्यूटर में खराबी को इस घटना का संभावित कारण बताया गया। इसके कारण एयरबस ने सभी एयरलाइन ऑपरेटरों से अपने एयरक्राफ्ट्स में ईएलएसी लगाने को कहा है। आमतौर पर ईएलएसी फ्लाइट कंट्रोल के लिए होता है। पुराने विमानों के ऑपरेशन में ज्यादा देरी की आशंका फ्रांस की विमानन कंपनी एयरबस की ए320 सीरीज दुनिया की सबसे जयादा इस्तेमाल की जाने वाली सिंगल-आइल प्लेन है। ए320 सीरीज के विमानों में ए319, ए320 करेंट इंजन ऑप्शन और न्यू इंजन ऑप्शन, ए321 करेंट इंजन ऑप्शन और ए321न्यू इंजन ऑप्शन शामिल हैं। नए ए320 सीरीज के विमानों में सॉफ्टवेयर अपडेट में लगभग आधे घंटे का समय लगता है। पुराने ए320 विमानों में, कुछ हार्डवेयर अपग्रेड की भी जरूरी होगी। उनके अपग्रेडेशन में ज्यादा समय लगेगा। इसके कारण पुराने विमानों के ऑपरेशन में ज्यादा देरी की आशंका है। विनोद उपाध्याय / 29 नवम्बर, 2025