राज्य
29-Nov-2025
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भोपाल(ईएमएस)। एम्स भोपाल ने आरोग्य भारती के सहयोग से “आरोग्य मंथन-2” नामक राष्ट्रीय स्वास्थ्य संगोष्ठी का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य भारत में एकीकृत स्वास्थ्य प्रणाली को स्थापित करना है। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय था “एक राष्ट्र, एक स्वास्थ्य प्रणाली – वर्तमान समय की आवश्यकता,” और इसका लक्ष्य देशभर में गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुँच सुनिश्चित करना है। इस संगोष्ठी में स्वास्थ्य पेशेवरों, नीति-निर्माताओं और प्रमुख हितधारकों को एकीकृत स्वास्थ्य ढांचे पर विचार-विमर्श करने के लिए आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम का मूल मंत्र था “स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार, स्वस्थ ग्राम, स्वस्थ राष्ट्र,” जो निवारक देखभाल और समग्र स्वास्थ्य प्रथाओं के महत्व पर बल देता है। इस अवसर पर एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक, प्रो. (डॉ.) माधवानंद कर ने सभी को अपने शरीर का अच्छे से ध्यान रखने, नियमित उपवास जैसी अनुशासित आदतें अपनाने और आधुनिक एवं पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की अनावश्यक तुलना से बचने की सलाह दी। उन्होंने सभी को “लव, मेडिसिन एंड मिरेकल्स” पुस्तक पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया, जो स्वास्थ्य और उपचार की गहरी समझ प्रदान करती है। मुख्य वक्ता डॉ. सुरेश पाटणकर (प्रसिद्ध यूरो सर्जन, पुणे) ने आधुनिक चिकित्सा में रोबोटिक सर्जरी की संभावनाओं और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों में हो रही वृद्धि पर चर्चा की। उन्होंने समय पर हस्तक्षेप और जीवनशैली में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय (राष्ट्रीय संगठन सचिव, आरोग्य भारती) ने व्यक्तिगत स्वास्थ्य देखभाल और निवारक उपायों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने आधुनिक और पारंपरिक उपचार पद्धतियों के समन्वय द्वारा प्रभावी स्वास्थ्य समाधान प्रदान करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। इस कार्यक्रम में, संदेश कुमार जैन (उप निदेशक, प्रशासन) और प्रो. (डॉ.) रजनीश जोशी (डीन, अकादमिक) भी उपस्थित रहे, जिन्होंने स्वास्थ्य जागरूकता और शिक्षा संबंधी पहलों के महत्व को बताया। संगोष्ठी ने यह संदेश दिया कि स्वस्थ जीवन के लिए निवारक उपाय अपनाना, एकीकृत चिकित्सा का लाभ लेना और समय पर इलाज करवाना हर नागरिक के लिए जरूरी है। इससे न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि परिवार और समाज भी स्वस्थ और सशक्त बनेगा। हरि प्रसाद पाल / 29 नवम्बर, 2025