राष्ट्रीय
29-Nov-2025


नई दिल्ली (ईएमएस)। मोदी सरकार ने वर्ष 2047 तक देश की न्यूक्लियर पावर क्षमता को वर्तमान 8.8 गीगावॉट से बढ़ाकर 100 गीगावॉट तक पहुंचाने का बड़ा लक्ष्य तय किया है, जो ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है। इसी लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार 1 दिसंबर से शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में एटॉमिक एनर्जी बिल 2025 पेश करने जा रही है। यह बिल भारत के न्यूक्लियर सेक्टर में निजी क्षेत्र की भागीदारी को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाएगा और रिएक्टर निर्माण से लेकर यूरेनियम सप्लाई चेन तथा छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों के विकास तक कई नए अवसर खोलेगा। विशेषज्ञों के अनुसार इस बिल के लागू होने के बाद क्लीन एनर्जी की दिशा में भारत की प्रगति तेज होगी और कैपिटल गुड्स, एनर्जी और एयरोस्पेस सेक्टर से जुड़ी कई कंपनियों को बड़ा लाभ मिलेगा। आने वाले एटॉमिक एनर्जी बिल 2025 के तहत निजी कंपनियों को रिएक्टर कंस्ट्रक्शन, यूरेनियम सप्लाई चेन, एसएमआर डेवलपमेंट और एडवांस्ड न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रोजेक्ट्स में भाग लेने की मंजूरी मिलेगी। सरकार का उद्देश्य न्यूक्लियर क्षमता को बड़े पैमाने पर बढ़ाना और 2047 तक 100 गीगावॉट क्षमता हासिल करना है, जिसके लिए निजी क्षेत्र की भूमिका अहम मानी जा रही है। सुबोध/२९-११-२०२५