क्षेत्रीय
29-Nov-2025
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बालाघाट (ईएमएस).बाल विवाह जैसी कुप्रथा के उन्मूलन के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान अंतर्गत 27 नवंबर से 8 मार्च 2026 तक 100 दिवसीय इंटेंसिव थीम आधारित जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर मृणाल मीना एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग दीपमाला मंगोलिया के मार्गदर्शन में प्रशासक वन स्टॉप सेंटर बालाघाट के द्वारा इस कार्यक्रम की विस्तृत रूप रेखा आकाशवाणी बालाघाट के माध्यम से वृहद स्तर पर दी गई है। इस अभियान के अंतर्गत 28 नवंबर को कन्या विद्यालय हट्टा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डोंगरिया एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डोरा में जागरूकता एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में केस वर्कर समाज यानिता राहंगडाले, संध्या चौधरी ने छात्र-छात्राओं को बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान प्रतिभागियों को बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु की लडक़ी एवं 21 वर्ष से कम आयु के लडक़े का विवाह कराना या इसमें किसी प्रकार की भूमिका निभाना कानूनी अपराध है। अधिनियम के अनुसार बाल विवाह करवाने, प्रोत्साहित करने या सहयोग करने पर दो वर्ष तक की कैद तथा एक लाख रुपये तक का जुर्माना का प्रावधान है। इसके साथ ही उपस्थित जनों को यह भी अवगत कराया गया कि इस अधिनियम के तहत संपन्न बाल विवाह अमान्य माने जाते हैं तथा बालिग होने के दो वर्ष के भीतर इन्हें न्यायालय में रद्द कराने का अधिकार प्राप्त है। जागरूकता शिविर में बाल विवाह के दुष्परिणामों जैसे शिक्षा में बाधा, किशोरावस्था में गर्भधारण के स्वास्थ्य खतरे, घरेलू हिंसा की संभावनाएं, आर्थिक निर्भरता और जीवन की गुणवत्ता पर दीर्घकालीन नकारात्मक प्रभाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों द्वारा बाल विवाह के संपूर्ण उन्मूलन एवं सुरक्षित, स्वस्थ और समानता आधारित समाज निर्माण की शपथ ली गई। भानेश साकुरे / 29 नवंबर 2025