राज्य
29-Nov-2025
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:: हुतात्मा राजीव भाई दीक्षित की स्मृति में विश्वम संवाद आयोजित; सुको के वरिष्ठ अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय ने न्याय और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की वकालत की :: इंदौर (ईएमएस)। संस्था विश्वम संवाद द्वारा हुतात्मा राजीव भाई दीक्षित की पुण्यतिथि एवं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में एसजीएसआईटीएस कॉलेज के गोल्डन जुबली हॉल में अद्भुत अनुपम विश्वम संवाद कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस संवाद का मुख्य विषय दैनिक जीवन में उपयोग की वस्तु से लेकर आहार, विहार और विचार तक स्वदेशी प्रेम रहा। अतिथियों ने स्पष्ट किया कि काल्पनिक सुख-विलासिता की ओर हमारा अग्रसर होना स्वदेशी जीवन पद्धति के लिए घातक है, इसलिए स्वदेशी शिक्षा, स्वदेशी चिकित्सा और स्वदेशी न्याय व्यवस्था की ओर लौटना अपरिहार्य है। कार्यक्रम की अध्यक्षता गुरुदेव अच्युतानंद महाराज ने की। मुख्य वक्ता सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय, विशेष अतिथि डॉ. गौतम खट्टर, और विशिष्ट अतिथि महापौर पुष्यमित्र भार्गव तथा डॉ. विकास दवे थे। :: महापौर की महत्वपूर्ण घोषणा :: महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने राजीव भाई दीक्षित को याद करते हुए एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि पूर्वी क्षेत्र के भूरी टेकरी से वाटर पार्क तक के रोड का नाम स्वदेशी मार्ग किया जाएगा और इसका चौराहा राजीव भाई दीक्षित चौराहा के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल स्वदेशी जीवन पद्धति की ओर अग्रसर होने के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगी। इस मार्ग एवं चौराहे का अनावरण 30 नवंबर को सुबह 10 बजे किया जाएगा। :: उपाध्याय की न्याय, शिक्षा और स्वास्थ्य पर दो-टूक :: मुख्य वक्ता अश्वनी उपाध्याय ने अपने संबोधन में कई ज्वलंत मुद्दों पर प्रकाश डाला। उन्होंने एक देश-एक चुनाव, एक जैसी शिक्षा पद्धति, एक सिलेबस और एक जैसे समान नियम कानून लागू होने पर ही देश में समानता प्राप्त होने की बात कही। स्वास्थ्य के विषय पर उन्होंने कहा कि शुगर और ब्लड प्रेशर जैसी आधी बीमारियां योग, प्राणायाम और नियमित जल चिकित्सा से दूर हो सकती हैं, जिसके लिए अनावश्यक दवाइयों की आवश्यकता नहीं है। न्याय व्यवस्था की कमियों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान न्याय व्यवस्था विदेशी पैटर्न पर चल रही है, जिससे त्वरित न्याय नहीं मिल पाता। उन्होंने झूठी गवाही और झूठी जांच पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि हर साल देश में 5 लाख से ज्यादा बहन-बेटियां गायब हो रही हैं, जो पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। :: डॉ. गौतम खट्टर ने रासायनिक खेती पर चिंता जताई :: विशेष अतिथि डॉ. गौतम खट्टर ने रासायनिक खेती के बढ़ते खतरे पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यूरिया-डीएपी का जरूरत से ज्यादा उपयोग हमारी कृषि भूमि को 10 सालों में बंजर बना देगा और हम रासायनिक जहर खा रहे हैं। उन्होंने गौ माता के गोमूत्र और गोबर के उपयोग से जैविक खेती करने तथा आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। :: आठ मनीषियों को स्वदेशी अलंकरण सम्मान :: स्वदेशी जन जागरूकता और पद्धति को लोगों तक पहुंचाने में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए आठ मनीषियों को स्वदेशी अलंकरण सम्मान से विभूषित किया गया। सम्मानित होने वालों में जैविक खेती के लिए तथागत बरोड़, गौ सेवा के लिए वीरेंद्र जैन और रेखा जैन, योग प्राणायाम के लिए चंद्रशेखर आजाद, गो चिकित्सा के लिए श्वेता कामले, स्वदेशी पेय के लिए राधेश्याम शर्मा और राजू सागर, मातृशक्ति को स्व-रक्षा प्रशिक्षण के लिए मोहन हटकर, तथा अधिवक्ता मनीष गुप्ता शामिल रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। संस्था अध्यक्ष पारस जैन और सचिव राघवेंद्र त्रिपाठी ने अतिथियों का स्वागत किया। विषय प्रवर्तन डॉ. विकास दवे ने भारत भाग्य विधाता विषय को विस्तार से रखा। वंदे मातरम के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया और आभार केशव गुप्ता ने माना। प्रकाश/29 नवम्बर 2025