:: जीआईओ सम्मेलन में 25 देशों के 200 से अधिक अतिथि शामिल; आज बड़ा रावला पर होगा मेहमानों का शाही भोज :: इंदौर (ईएमएस)। ग्लोबल इंडियन आर्गेनाईजेशन (जीआईओ) का भारत में पहली बार हो रहा सम्मेलन इंदौर में दूसरे दिन भी ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में सफलतापूर्वक आयोजित हुआ। 25 देशों से आए 200 से अधिक भारतीय मूल के व्यापारी, उद्योगपति और विशिष्ट हस्तियों ने भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के सचिव मनोज कुमार की उपस्थिति में तकनीकी विकास, सांस्कृतिक सहयोग, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगारोन्मुखी योजनाओं पर गहन मंथन किया। दूसरे दिन के सम्मेलन का शुभारंभ जीआईओ के इंटरनेशनल प्रेसिडेंट रायन तिवारी के साथ महापौर पुष्यमित्र भार्गव, संगठन के इंदौर चैप्टर के नवनियुक्त रीजनल प्रेसिडेंट युवराज वरदराज मंडलोई, भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के प्रमुख डॉ. भरत शर्मा और ग्लोबल सिंधी एसोसिएशन के प्रतिनिधि मनोहर देव की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन और मंगलाचरण के साथ हुआ। रीजनल प्रेसिडेंट युवराज वरदराज मंडलोई ने मालवी परंपरा के अनुरूप सभी मेहमानों का स्वागत किया। उन्होंने इंदौर की प्राचीन संस्कृति और महान इतिहास का विस्तार से उल्लेख किया। मंडलोई ने बताया कि इंदौर को विश्व का प्रथम कर मुक्त व्यापार का केंद्र बनाने के लिए प्रथम शासक राव राजा नंदलाल मंडलोई ने सन 1716 में काफी प्रयास किए थे और आधुनिक इंदौर की नींव डाली थी। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अपने तीन वर्षीय कार्यकाल की उपलब्धियों और नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने अनिवासी इंदौरी निवेशकों के लिए प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले विशेष सम्मेलन का भी उल्लेख किया। :: महत्वपूर्ण सत्रों में मंथन :: संस्कृति मंत्रालय की ओर से डॉ. भरत शर्मा ने की-नोट स्पीकर की भूमिका निभाई। उन्होंने वसुधैव कुटुम्बकम, वैदिक ज्ञान, शांति, सहिष्णुता, कला, विज्ञान और देश की महान परम्पराओं का उल्लेख करते हुए संस्कृति मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं का ब्यौरा दिया। दिन भर चले अलग-अलग सत्रों में प्रवासी देशों में वैश्विक गतिशीलता और आर्थिक अवसर तथा सांस्कृतिक विरासत और अंतर्धार्मिक विषय जैसे विषयों पर विचार रखे गए। रोबोटिक्स और एआई विशेषज्ञ अमित पांडे ने विज्ञान और प्रोद्योगिकी में युवाओं की भूमिका पर जानकारी दी, जबकि अमिता बुलॉयकी ने महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार साझा किए। इस मंथन में डॉ. राजशेखरम (भारत), जोएल नारायनीन (आइसलैंड), सुदर्शानद नागावह (मॉरीशस), डॉ. जयवीर सिंह राठौर (यूएस), अनुज अग्रवाल (सिंगापुर) सहित 25 देशों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भाग लिया। :: आज बड़ा रावला पर होगा भव्य शाही भोज :: अधिवेशन के अंतिम दिवस रविवार, 30 नवंबर को सभी मेहमान शहर की सांस्कृतिक विरासतों के दर्शन करेंगे। इसकी शुरुआत श्रीसंस्थान बड़ा रावला महल, कचहरी और राव राजा नंदलाल मंडलोई की छत्रियों के दर्शन से होगी। इसके अलावा लालबाग, राजवाड़ा, गोपाल मंदिर, सराफा और 56 दुकान जैसे दर्शनीय स्थल भी देखे जाएँगे। जीआईओ के सदस्यों के लिए बड़ा रावला जूनी इंदौर स्थित प्राचीन राजमहल पर शाही भोज रखा गया है, जिसमें मालवा की दावत के रूप में दाल-बाफले-लड्डू तथा पोहे-जलेबी सहित अन्य परंपरागत व्यंजन परोसे जाएँगे। इस मौके पर तत्कालीन इंदौर राज्य और रियासत से जुड़ी वस्तुओं की एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी ताकि भारतीय मूल के मेहमान इंदौर की संस्कृति और परम्पराओं से अवगत हो सकें। युवराज वरदराज मंडलोई ने विश्वास व्यक्त किया कि 25 देशों के इन बड़े कारोबारियों का तीन दिवसीय मंथन शहर के विकास में एक नया अध्याय जोड़ने में सफल होगा। प्रकाश/29 नवम्बर 2025