राज्य
12-Mar-2026


* कामरेज के परब गांव की जीआईडीसी में चल रहा था खेल, 10.70 लाख का माल जब्त; 23 वर्षीय संचालक गिरफ्तार सूरत (ईएमएस)| जिले में असली के नाम पर नकली उत्पाद बेचने का गोरखधंधा लगातार सामने आया है। एक बार फिर पुलिस ने नकली क्लीनर बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। कामरेज तालुका के परब गांव स्थित जीआईडीसी में ब्रांडेड कंपनी के नाम पर घटिया क्वालिटी का क्लीनर बनाकर बाजार में बेचने वाले एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से नकली क्लीनर, मशीनरी और अन्य सामान समेत कुल 10.70 लाख रुपये का माल जब्त किया है। लोगों के स्वास्थ्य और जेब दोनों के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सूरत ग्रामीण एलसीबी ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर कामरेज के परब गांव स्थित ओम टेक्सटाइल पार्क में चल रहे हाई-प्रोफाइल डुप्लिकेट क्लीनर रैकेट पर छापा मारा गया। एलसीबी की टीम ने ओम टेक्सटाइल पार्क के प्लॉट नंबर 184/185 के दूसरे फ्लोर पर चल रहे “मापा फैशन” नामक यूनिट पर अचानक रेड की। फैशन के नाम पर चल रहे इस यूनिट के अंदर का नजारा देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। यहां कॉस्मेटिक्स के नाम पर ब्रांडेड कंपनी के डुप्लिकेट स्टिकर लगाकर नकली क्लीनर की पैकिंग की जा रही थी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 5 लीटर के 860 कैन बरामद किए, जिन पर प्रसिद्ध ब्रांड ‘लाइज़ोल’ का लोगो लगा हुआ था। इन कैनों की कीमत करीब 8.59 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा पैकिंग मशीनरी, खतरनाक केमिकल्स, संचालक का आईफोन और अन्य उपकरण भी जब्त किए गए। कुल मिलाकर 10.70 लाख रुपये का माल पुलिस ने कब्जे में लिया। पुलिस ने इस रैकेट के मुख्य आरोपी 23 वर्षीय संचालक मोनिल संजयभाई घोडिया को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से इस नकली फैक्ट्री को चला रहा था। पुलिस की नजर से बचने के लिए वह कुछ माल खुले बाजार में बेचता था, जबकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भारी डिस्काउंट देकर ग्राहकों को आकर्षित करता था। सस्ती कीमत के लालच में ग्राहक नकली और खतरनाक उत्पाद खरीद रहे थे। विशेषज्ञों के अनुसार ब्रांडेड क्लीनर में केमिकल का निश्चित अनुपात होता है, लेकिन यहां केवल मुनाफे के लिए हानिकारक एसिड और केमिकल मिलाए जा रहे थे। इस नकली लिक्विड के इस्तेमाल से त्वचा संबंधी गंभीर बीमारियां और सांस की समस्या हो सकती है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह तथाकथित क्लीनर वास्तव में कीटाणुनाशक नहीं था, बल्कि सिर्फ रंगीन पानी था। ऐसे में सफाई और कीटाणुनाशक होने का दावा पूरी तरह खोखला साबित होता है। एलसीबी की इस सख्त कार्रवाई के बाद सूरत जिले में नकली उत्पाद बनाने वाले माफियाओं में हड़कंप मच गया है। सतीश/12 मार्च