अंतर्राष्ट्रीय
17-May-2026


-यूक्रेन ने बड़ी तेल रिफाइनरी पर किया हमला -हमले से बढ़ी चिंता, तेल मार्केट में और बढ़ सकती हैं कीमतें वाशिंगटन,(ईएमएस)। होर्मुज संकट के चलते दुनिया तेल संकट से जूझ रही है। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने रूस के कच्चे तेल पर दी गई छूट नहीं बढ़ाई है। वहीं यूक्रेन ने रुस के बड़े तेल डिपो पर हमला कर हालात और बिगाड़ दिए हैं। अमेरिका के फैसले का मतलब साफ है कि रूस से तेल खरीदने में जो सीमित राहत कुछ देशों को मिल रही थी, वह अब खत्म हो गई है। ट्रंप प्रशासन ने मार्च और अप्रैल में दो बार यह छूट दी थी, लेकिन यह सिर्फ उन टैंकरों पर लागू थी जिनमें पहले से रूसी तेल लोड था। इस छूट को लेकर पहले से ही विवाद था। यूरोपीय देश चाहते थे कि रूस पर सख्त प्रतिबंध लगे रहें, ताकि उसे यूक्रेन युद्ध के लिए फंडिंग न मिले। वहीं भारत और इंडोनेशिया जैसे देशों ने ट्रंप प्रशासन से इस छूट को जारी रखने की मांग की थी, क्योंकि ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट में तनाव के चलते वैश्विक तेल सप्लाई पहले ही प्रभावित है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने पहले छूट बढ़ाने से इनकार किया था, लेकिन बाद में कई गरीब और ऊर्जा पर निर्भर देशों के दबाव में इसे अस्थायी तौर पर बढ़ाया गया अब फिर से इसे खत्म होने दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन ने ड्रोन हमले कर रुस की एक बड़े ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया। इस हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। रूसी तेल डिपो पर हमले से इस बात की चिंता बड़ी है कि तेल मार्केट में कीमतें और न बढ़ जाएं। रिपोर्ट के मुताबिक रियाजान क्षेत्र के गवर्नर पावेल मल्कोव ने हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि ड्रोन ने रिहायशी इमारतों और एक औद्योगिक साइट पर हमला किया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में रॉसनेफ्ट की रियाजान रिफाइनरी में भीषण आग और आसमान में उठता काला धुआं साफ देखा जा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस रिफाइनरी में हर साल करीब 1.7 करोड़ टन कच्चा तेल प्रोसेस होता है। नासा सैटेलाइट तस्वीरों में धुएं का गुबार 100 किलोमीटर तक फैलता देखा गया। सिराज/ईएमएस 17मई26