राष्ट्रीय
18-May-2026


-छात्रों के विरोध के बाद शिक्षा मंत्रालय का फैसला -एक नंबर भी बढ़ने पर पूरी फीस होगी वापस नई दिल्ली,(ईएमएस)। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 12वीं बोर्ड परीक्षा के रीवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन शुल्क में बड़ी कटौती की घोषणा की है। शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर अब छात्रों को उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी, मार्क्स वेरिफिकेशन और रीवैल्यूएशन के लिए पहले की तुलना में काफी कम फीस देनी होगी। यह फैसला 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम के बाद छात्रों और अभिभावकों के विरोध के बीच लिया गया है। स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, अब उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी के लिए 700 रुपये की जगह केवल 100 रुपये देने होंगे। वहीं मार्क्स वेरिफिकेशन या टोटलिंग के लिए भी शुल्क 500 रुपये से घटाकर 100 रुपये कर दिया गया है। सबसे बड़ी राहत रीवैल्यूएशन फीस में दी गई है, जहां प्रति प्रश्न दोबारा जांच के लिए अब 100 रुपये के बजाय केवल 25 रुपये ही देने होंगे। शिक्षा बोर्ड ने यह भी घोषणा की है कि यदि किसी छात्र के कुल अंकों में रीवैल्यूएशन के बाद एक अंक की भी बढ़ोतरी होती है, तो उससे ली गई पूरी फीस वापस कर दी जाएगी। यह कदम छात्रों के हित में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। बोर्ड के अनुसार, छात्र 19 मई से 22 मई के बीच अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिका प्राप्त कर सकेंगे। इसके बाद यदि वे वेरिफिकेशन या री-इवैल्युएशन कराना चाहें, तो 26 मई से 29 मई के बीच आवेदन कर सकेंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि रीवैल्यूएशन प्रक्रिया भी ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (ओएसएम) के माध्यम से ही होगी, मैनुअल जांच नहीं की जाएगी। यदि आवेदन अधिक संख्या में आते हैं तो प्रक्रिया की अंतिम तारीख बढ़ाई जा सकती है। राहुल भी साध चुके हैं निशाना दरअसल, इस वर्ष सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को लेकर कई छात्रों और अभिभावकों ने सवाल उठाए थे। उनका आरोप था कि ओएसएम प्रणाली के कारण छात्रों को अपेक्षा से कम अंक मिले हैं, जिससे कई विद्यार्थियों की कॉलेज प्रवेश पात्रता प्रभावित हुई। इस मुद्दे पर राहुल गांधी भी केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साध चुके हैं। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, नीट पेपर लीक से लेकर सीबीएसई परिणाम और नई भाषा नीति तक, शिक्षा मंत्रालय लगातार छात्रों को निराश कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री हर आयु वर्ग के छात्रों के हितों की रक्षा करने में विफल रहे हैं। हिदायत/ईएमएस 18मई26