ज़रा हटके
24-May-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। देर रात तक जागना, समय पर भोजन न करना, फास्ट फूड का अधिक सेवन और घंटों बैठकर काम करना अब लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। बदलती जीवनशैली और अनियमित खानपान के कारण पेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। एसिडिटी, गैस, अपच, खट्टी डकारें और पेट में जलन जैसी परेशानियां हर उम्र के लोगों में आम होती जा रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जब पेट में बनने वाला एसिड भोजन नली की ओर लौटने लगता है, तो उसे एसिड रिफ्लक्स कहा जाता है। इससे सीने में जलन, पेट में भारीपन और बेचैनी महसूस हो सकती है। हालांकि, भारतीय रसोई में मौजूद कुछ पारंपरिक मसाले ऐसे हैं, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाकर इन समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, सौंफ पाचन के लिए सबसे फायदेमंद घरेलू उपायों में से एक मानी जाती है। सौंफ में एनेथोल नामक प्राकृतिक तत्व पाया जाता है, जो पेट की मांसपेशियों को आराम देने में मदद करता है। रिसर्च में यह भी सामने आया है कि सौंफ पेट में बनने वाली गैस को कम करने और पाचन सुधारने में सहायक होती है। कई लोग भोजन के बाद सौंफ चबाते हैं या सौंफ का पानी पीते हैं, जिससे पेट हल्का महसूस होता है और जलन में राहत मिलती है। जीरा भी भारतीय भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और आयुर्वेद में इसका उपयोग लंबे समय से किया जाता रहा है। वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, जीरे में मौजूद क्यूमिनाल्डिहाइड तत्व पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करने में मदद करता है। इससे भोजन जल्दी पचता है और पेट पर दबाव कम पड़ता है। यही कारण है कि जीरा पानी को गैस और भारीपन कम करने का प्रभावी घरेलू उपाय माना जाता है। अदरक को प्राकृतिक पाचन सुधारक जड़ी-बूटी माना जाता है। इसमें जिंजरोल और शोआगोल जैसे तत्व पाए जाते हैं, जिनमें सूजन कम करने वाले गुण होते हैं। ये तत्व पेट को तेजी से खाली करने में मदद करते हैं, जिससे भोजन लंबे समय तक पेट में नहीं रुकता और एसिडिटी की संभावना कम हो जाती है। विशेषज्ञ सीमित मात्रा में अदरक को हर्बल चाय, गर्म पानी या भोजन में शामिल करने की सलाह देते हैं। इलायची भी पेट के लिए लाभकारी मानी जाती है। आयुर्वेद के अनुसार, यह पाचन प्रक्रिया को संतुलित रखने में मदद करती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व पेट की सूजन कम करने में सहायक होते हैं। कई लोग भोजन के बाद इलायची चबाते हैं, जिससे पाचन बेहतर होने के साथ मुंह की बदबू भी कम होती है। वहीं, तुलसी के पत्तों को भी औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है। रिसर्च के अनुसार, तुलसी में मौजूद यूजेनॉल तत्व पेट को शांत रखने और सूजन कम करने में मदद करता है। सुदामा/ईएमएस 24 मई 2026