नई दिल्ली (ईएमएस)। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स का अभियान निराशाजनक रहा। पांच बार की चैंपियन टीम इस बार भी प्लेऑफ में जगह बनाने में असफल रही। चेन्नई ने 14 मुकाबलों में केवल 6 मैच जीते और लगातार दूसरे सीजन में अंतिम चार से बाहर हो गई। पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम कई समस्याओं से जूझती नजर आई, जिसका असर उसके प्रदर्शन पर साफ दिखाई दिया। खिलाड़ियों की चोट, अनुभवी खिलाड़ियों की कमी और युवा सितारों का खराब प्रदर्शन टीम के लिए सबसे बड़ी परेशानी बनकर सामने आया। इस सीजन चेन्नई सुपर किंग्स के लिए सबसे बड़ा झटका खिलाड़ियों की लगातार चोटें रहीं। तेज गेंदबाज नाथन एलिस चोट के चलते पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए। वहीं शानदार फॉर्म में चल रहे युवा बल्लेबाज आयुष म्हात्रे का चोटिल होना भी टीम के लिए बड़ा नुकसान साबित हुआ। खलील अहमद ने शुरुआती पांच मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन वह भी चोटिल होकर बाहर हो गए। ऑलराउंडर जेमी ओवरटन बल्ले और गेंद दोनों से टीम के लिए अहम भूमिका निभा रहे थे, लेकिन सीजन के महत्वपूर्ण चरण में उनकी चोट ने टीम की मुश्किलें और बढ़ा दीं। महेंद्र सिंह धोनी की गैरमौजूदगी भी चेन्नई के लिए भारी पड़ी। चोट के कारण धोनी इस पूरे सीजन में एक भी मुकाबला नहीं खेल सके। विकेट के पीछे से उनकी रणनीति और अनुभव की कमी साफ महसूस की गई। कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ दबाव की परिस्थितियों में कई बार असहाय नजर आए और टीम मुश्किल समय में वापसी नहीं कर सकी। धोनी की मौजूदगी हमेशा चेन्नई की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती रही है, लेकिन इस बार टीम उस नेतृत्व से वंचित रही। चेन्नई ने आईपीएल 2026 के लिए कई युवा खिलाड़ियों पर बड़ा दांव लगाया था, लेकिन वे उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। फ्रेंचाइजी ने प्रशांत वीर और कार्तिक शर्मा पर लगभग 14.2 करोड़ रुपये खर्च किए थे, लेकिन दोनों खिलाड़ी प्रभावित करने में नाकाम रहे। उर्विल पटेल भी पूरे सीजन में सिर्फ एक अर्धशतक ही लगा सके और निरंतर प्रदर्शन नहीं कर पाए। कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ और युवा बल्लेबाज डेवाल्ड ब्रेविस से टीम को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन दोनों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। ब्रेविस ने 11 मैचों में केवल 151 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट भी 127 के आसपास रहा। वह पूरे सीजन में एक भी अर्धशतक नहीं लगा सके। वहीं ऋतुराज गायकवाड़ भी अपेक्षित आक्रामकता नहीं दिखा पाए और उनका स्ट्राइक रेट 123.44 का रहा, जो टी20 क्रिकेट के लिहाज से काफी कम माना गया। गेंदबाजी विभाग में अनुभव की कमी भी चेन्नई सुपर किंग्स को भारी पड़ी। खलील अहमद के बाहर होने के बाद तेज गेंदबाजी आक्रमण कमजोर पड़ गया। अंशुल कंबोज ने शुरुआती मैचों में प्रभावित किया, लेकिन महत्वपूर्ण मुकाबलों में वह काफी महंगे साबित हुए। स्पेंसर जॉनसन और गुरजपनीत सिंह भी निरंतर प्रदर्शन नहीं कर सके। स्पिन विभाग में नूर अहमद ने कुछ अच्छे प्रदर्शन किए, लेकिन वह पूरे सीजन में निरंतरता बनाए रखने में सफल नहीं रहे। यही कारण रहा कि चेन्नई सुपर किंग्स इस बार भी प्लेऑफ में जगह बनाने से चूक गई। डेविड/ईएमएस 24 मई 2026