व्यापार
24-May-2026


- कपड़ा उद्योग को मिल सकती है राहत नई दिल्ली (ईएमएस)। कच्चे कपास के आयात पर लगने वाले 11 प्रतिशत सीमा शुल्क को हटाने की मांग पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस संबंध में विभिन्न मंत्रालयों के बीच परामर्श अंतिम चरण में है, जिससे घरेलू कपड़ा उद्योग को बढ़ती लागत के बोझ से राहत मिलने की उम्मीद है। अधिकारी ने बताया कि वित्त मंत्रालय, कपड़ा मंत्रालय और कृषि मंत्रालय इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर गहन चर्चा कर रहे हैं। घरेलू कपड़ा उद्योग लंबे समय से आयात शुल्क हटाने की मांग कर रहा है ताकि कपास की बढ़ती कीमतों से उद्योग पर बढ़ रहे लागत के बोझ को कम किया जा सके। अधिकारी ने संकेत दिया कि परामर्श प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी है और निकट भविष्य में इस पर अंतिम निर्णय होने की प्रबल संभावना है। हाल ही में परिधान उद्योग और निर्यातकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन तथा कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर इस शुल्क को हटाने की जोरदार मांग उठाई थी। उद्योग के अनुसार चालू वर्ष में कपास की अनुमानित आवश्यकता लगभग 337 लाख गांठ (एक गांठ 170 किलोग्राम) है, जबकि 2025-26 सत्र में आवक केवल 292.15 लाख गांठ रहने का अनुमान है। यह लगभग 45 लाख गांठ का बड़ा मांग-आपूर्ति अंतर पैदा कर रहा है, जिससे स्पिनिंग मिलों और अन्य कपड़ा निर्माताओं पर दबाव बढ़ रहा है और उच्च गुणवत्ता वाले कच्चे माल की उपलब्धता सीमित होने के कारण उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है। सतीश मोरे/24मई ---