अंतर्राष्ट्रीय
24-May-2026


नेपाल में बालेन शाह सरकार को परंपरा खत्म करने की सलाह काठमांडू,(ईएमएस)। भारतीय सेना में नेपाली गोरखा सैनिकों की भर्ती को लेकर नेपाल में बहस फिर तेज हो गई है। नेपाल के विदेश नीति विश्लेषकों ने प्रधानमंत्री बालेन शाह को सलाह देते हुए कहा है, कि भारतीय सेना में नेपाली नागरिकों की भर्ती समाप्त करने पर गंभीरता से विचार किया जाए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार विवाद की मुख्य वजह भारत की अग्निपथ योजना है, जिसे 2022 में लागू किया गया था। नेपाल सरकार का कहना है कि चार साल की सेवा अवधि वाली यह योजना 1947 के भारत-नेपाल-ब्रिटेन त्रिपक्षीय समझौते की भावना के खिलाफ है। इसी कारण 2020 के बाद से नेपाली गोरखाओं की भर्ती रुकी हुई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि नेपाल के नागरिकों का किसी दूसरे देश की सेना में सेवा देना संप्रभुता और कूटनीतिक दृष्टि से गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने सुझाव दिया कि नेपाल सरकार को औपचारिक रूप से इस भर्ती प्रक्रिया को समाप्त करने की घोषणा करनी चाहिए। गौरतलब है कि भारतीय सेना में गोरखा सैनिकों की भर्ती का इतिहास 200 साल से भी पुराना है। वर्तमान में भारतीय सेना की विभिन्न गोरखा रेजिमेंटों में हजारों नेपाली मूल के सैनिक सेवा दे रहे हैं। हिदायत/ईएमएस 24मई26