व्यापार
24-May-2026


- गैस आपूर्ति में दिककतों के बीच कोल इंडिया की सिनगैस इकाइयां लगाने की योजना नई दिल्ली (ईएमएस)। सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख कोयला कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण गैस आपूर्ति में आ रही बाधाओं से निपटने और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कोयले से सिनगैस उत्पादन इकाइयां स्थापित करने की तैयारी में है। सिनगैस, मुख्यतः कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन का मिश्रण होता है, जिसका उपयोग बिजली, उर्वरक और स्वच्छ ईंधन बनाने में होता है। कोल इंडिया, जो देश के कुल कोयला उत्पादन में 80 फीसदी से अधिक का योगदान करती है, इस दिशा में शुरुआती कदम उठा चुकी है। कंपनी इन संयंत्रों को या तो कोयला खदानों के पास (पिटहेड) या फिर औद्योगिक उपभोक्ताओं जैसे उर्वरक संयंत्रों, गैस आधारित बिजलीघरों और डायरेक्ट-रिड्यूस्ड आयरन (डीआरआई) इकाइयों के समीप स्थापित करेगी। यह पहल राष्ट्रीय कोयला गैसीकरण मिशन और रासायनिक कच्चे माल की सुरक्षा को सुदृढ़ करने की सरकारी रणनीति का हिस्सा है। इन परियोजनाओं को बिल्ड-ओन-ऑपरेट या बिल्ड-ऑपरेट-मेंटेन मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जिसके लिए कंपनी ने संभावित बोलीदाताओं की पहचान हेतु रुचि पत्र जारी किए हैं। इसके अलावा सीआईएल उन औद्योगिक ग्राहकों की भी तलाश कर रही है जो दीर्घकालिक समझौतों के तहत सिनगैस का उपयोग कर सकें। इस कदम का उद्देश्य कोयले के परिवहन लागत को कम करना, उद्योगों को सस्ती और विश्वसनीय सिनगैस आपूर्ति सुनिश्चित करना, तथा स्वच्छ ईंधन, उर्वरक और रसायन उत्पादन के क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ाना है। यह देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सतीश मोरे/24मई ---