- प्रवासी ओड़िया संगठन ने इस्कॉन से परंपरा पालन की अपील की राउरकेला (ईएमएस)। ग्लोबल ओड़िया डायस्पोरा और बहरीन ओड़िया समाज के संस्थापक अरुण कुमार प्रहराज ने विदेशों में इस्कॉन द्वारा जगन्नाथ संस्कृति से जुड़े धार्मिक आयोजनों की तिथियों को लेकर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि रथयात्रा और स्नान यात्रा जैसे पवित्र उत्सवों का आयोजन जगन्नाथ मंदिर की परंपरागत पंचांग और निर्धारित तिथियों के अनुसार ही होना चाहिए। प्रहराज ने कहा कि भगवान जगन्नाथ से जुड़े ये अनुष्ठान सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं पर आधारित हैं और इनका संबंध स्नान यात्रा, अनसर (अनवासर), रथयात्रा तथा बहुदा यात्रा जैसे क्रमबद्ध धार्मिक आयोजनों से है। ऐसे में सुविधानुसार या स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर तिथियों में बदलाव करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि ये उत्सव केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम या लॉजिस्टिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक मान्यताओं से जुड़े पवित्र अनुष्ठान हैं। इसलिए इनके आयोजन में परंपराओं और धार्मिक नियमों का पालन अनिवार्य होना चाहिए। अरुण प्रहराज ने इस मुद्दे पर पुरी के गजपति महाराजा, श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) तथा विभिन्न धार्मिक नेताओं द्वारा पहले भी जताई गई आपत्तियों का उल्लेख किया। उन्होंने विशेष रूप से अमेरिका के ह्यूस्टन और ब्रिटेन के वाटफोर्ड में आयोजित कार्यक्रमों का संदर्भ देते हुए कहा कि इन आयोजनों की तिथियां जगन्नाथ मंदिर के आधिकारिक कैलेंडर से मेल नहीं खाती थीं। उन्होंने इस्कॉन से अपील की कि वह विदेशों में भी जगन्नाथ संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करते हुए निर्धारित तिथियों का पालन करे। प्रहराज ने कहा कि दुनिया भर में सक्रिय ओड़िया संगठन सीमित संसाधनों और स्थानीय चुनौतियों के बावजूद पारंपरिक तिथियों के अनुसार ही इन धार्मिक आयोजनों का पालन करते हैं। रामयश/ईएमएस 24 मई 2026