-जयशंकर ने अमेरिकी वीजा मुद्दा उठाया तो रुबियो, बोले- भारत नहीं है निशाने पर -भारत-अमेरिका वार्ता के दौरान रक्षा, सुरक्षा और वैश्विक मुद्दों पर हुई व्यापक चर्चा नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने के उद्देश्य से रविवार को नई दिल्ली में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता हुई। अमेरिकी विदेश मंत्री के रूप में अपनी पहली भारत यात्रा पर आए रुबियो ने हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। वार्ता में दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा, व्यापार और वैश्विक रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही पश्चिम एशिया, यूक्रेन संघर्ष, भारतीय उपमहाद्वीप, पूर्वी एशिया और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारतीय नागरिकों को अमेरिकी वीजा मिलने में आ रही कठिनाइयों का मुद्दा उठाया। इसके जवाब में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिका की नई आव्रजन और वीजा प्रणाली केवल भारत को लक्ष्य बनाकर लागू नहीं की जा रही है, बल्कि यह पूरी दुनिया के लिए समान रूप से लागू हो रही है। रुबियो ने कहा कि अमेरिका वर्तमान में अपने इमिग्रेशन सिस्टम के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया से गुजर रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में 20 मिलियन से अधिक लोग अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश कर चुके हैं, जिसके चलते व्यवस्था में व्यापक सुधार जरूरी हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत का अमेरिकी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है और भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में 20 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका दुनिया का सबसे स्वागत करने वाला देश है और हर साल लगभग दस लाख लोगों को स्थायी निवास की अनुमति दी जाती है। उन्होंने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए बताया कि उनके माता-पिता 1956 में क्यूबा से अमेरिका आए थे। लोकतांत्रिक मूल्यों की सराहना रुबियो ने भारत को अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक और रणनीतिक साझेदार बताते हुए दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों की सराहना की। वहीं, जयशंकर ने कहा कि भारत और अमेरिका ने हाल ही में 10-वर्षीय प्रमुख रक्षा भागीदारी ढांचा समझौते को नवीनीकृत किया है और अंडरवाटर डोमेन अवेयरनेस रोडमैप पर भी हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और आधुनिक वैश्विक चुनौतियों के अनुरूप साझेदारी को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। हिदायत/ईएमएस 24मई26