- पीएचक्यू ने जारी किये निर्देश, गलती मिलने पर एसपी-डीएसपी होंगे जिम्मेदार भोपाल(ईएमएस)। मध्य प्रदेश के 1100 से अधिक थानों अलग-अलग कार्यवाही के दौरान पुलिस द्वारा मौके से जप्त किये गये जेवरात, नगदी या अन्य कीमती माल को रखने के लिये प्रदेश के हर थाने में एक मालखाना होता है। यहॉ पुलिस द्वारा जब्त किए गए माल के साथ ही कई प्रकरणो के सैंपल आदि रखे जाते हैं। लेकिन बीते दिनो प्रदेश के अलग-अलग जिलों के थानों से जब्त नगदी, जेवरात और कीमती सामान के गायब होने या गबन की घटनाओं से पुलिस की छवि खराब होने पर अब पीएचक्यू ने मालखानों में रखे जब्त माल की सुरक्षा को लेकर कदम उठाया है। जानकारी के अनुसार इस संबध में पीएचक्यू की सीआईडी विंग द्वारा सभी जिलों के एसपी को जारी आदेश के तहत निर्देशित किया गया है कि अगर किसी आपराधिक मामले की जांच करने वाला विवेचना अधिकारी (विवेचक) बदला, या फिर थाने के प्रभारी का तबादला हुआ, तो उन्हें मालखाने में रखे जब्ती के सामान का भौतिक सत्यापन कर बकायदा लिखित में चार्ज सौंपना होगा। इससे पहले थानों में केस ट्रांसफर होने या विवेचक के बदलने पर मालखाने का प्रभार सिर्फ कागजों पर ही सौंप दिया जाता था, इससे कई मामलों में कीमती साक्ष्य और बरामद की गई नगदी गायब हो जाती थी। इस प्रक्रिया को बदलने के लिए पीएचक्यू ने साफ किया है, कि पूर्व विवेचक द्वारा की गई हर कानूनी प्रक्रिया का पूरा लेखा-जोखा और दस्तावेज नए आने वाले अधिकारी को लिखित में सौंपना होगा। डीजीपी के निर्देश पर यह सर्कुलर जारी किया गया है। जुनेद / 23 मई