मुंबई, (ईएमएस)। मुंबई से सटे मीरा-भायंदर में फर्जी दस्तावेजों के जरिए ऑटो रिक्शा बैज और परमिट हासिल करने का बड़ा मामला सामने आया है। काशीगांव पुलिस ने इस मामले में 27 ऑटो रिक्शा चालकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर ऑटो रिक्शा बैज और परमिट प्राप्त किए। इनमें फर्जी पहचान पत्र, निवास प्रमाण और अन्य सरकारी दस्तावेज शामिल हैं। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ झूठे सबूत पेश करने, धोखाधड़ी, जालसाजी, सरकारी रिकॉर्ड और पहचान दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा करने जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। क्राइम ब्रांच के पुलिस उपनिरीक्षक, जो इस मामले में शिकायतकर्ता भी हैं, ने कहा कि जांच के दौरान पता चला कि आरोपियों ने डोमिसाइल सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए फर्जी निवास और पहचान संबंधी दस्तावेज जमा किए थे। ऑटो परमिट लेने के लिए डोमिसाइल प्रमाणपत्र अनिवार्य होता है। पुलिस अब उन एजेंटों और बिचौलियों की तलाश कर रही है जिन्होंने इन 27 आरोपियों को नकली दस्तावेज तैयार करवाने और परमिट दिलाने में मदद की।अधिकारियों का कहना है कि मामले में और भी लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है। फिलहाल दस्तावेजों की जांच और संबंधित विभागों से जानकारी जुटाने का काम जारी है। काशीगांव पुलिस ने कहा कि मामले की जांच जारी है और अभी तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस जल्द ही पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने का दावा कर रही है। संजय/संतोष झा- २४ मई/२०२६/ईएमएस