मरीजों को जमीन पर सुलाने की शिकायत पर किया आकस्मिक निरीक्षण बालाघाट (ईएमएस). जिला चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं और मरीजों को बेड नहीं मिलने की शिकायत पर कलेक्टर मृणाल मीना ने शनिवार तडक़े 4 बजे अचानक अस्पताल पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मिली खामियों पर उन्होंने सख्त नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। शनिवार 24 मई को तडक़े करीब 4 बजे कलेक्टर मृणाल मीना जिला चिकित्सालय बालाघाट पहुंचे और अस्पताल की व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मेडिकल एवं महिला वार्ड का जायजा लिया। निरीक्षण में पाया गया कि वार्ड के सभी बेड भरे हुए थे, जिसके चलते कुछ मरीजों का इलाज जमीन पर मेट्रेस बिछाकर किया जा रहा था। इस स्थिति पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और अस्पताल प्रबंधन को तुरंत व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. नीलय जैन, ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों और स्टाफ से अस्पताल की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही भर्ती मरीजों से बातचीत कर उन्हें मिल रही सुविधाओं और उपचार को लेकर फीडबैक भी लिया। कलेक्टर के सख्त निर्देश कलेक्टर मीना ने निर्देशित किया कि अस्पताल में भर्ती प्रत्येक मरीज को आवश्यकतानुसार बेड उपलब्ध कराया जाए और किसी को भी जमीन पर न सुलाया जाए। उन्होंने कहा कि मरीजों की उचित देखभाल, समय पर उपचार और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही शासन की सभी स्वास्थ्य सुविधाएं मरीजों तक प्रभावी रूप से पहुंचाई जाएं। ड्यूटी में लापरवाही पर कार्रवाई निरीक्षण के दौरान आउटसोर्स कर्मचारी एमएसडब्ल्यू आविष्कार मेश्राम, कैलाश झलपे एवं गार्ड राधेश्याम बघेले के ड्यूटी के दौरान सोते पाए जाने की शिकायत पर कलेक्टर ने तीनों की सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए। परिजनों के लिए भी व्यवस्था के निर्देश कलेक्टर ने मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के ठहरने की व्यवस्था अस्पताल परिसर में ही उचित स्थान पर करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप भी मौजूद रहे। दो नर्सिंग अधिकारियों को नोटिस जारी मरीज के उपचार में लापरवाही पाए जाने पर नर्सिंग अधिकारी श्वेता वानखेड़े एवं सपना दाते को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप ने नोटिस में पूछा है कि उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवा जबलपुर को प्रस्ताव क्यों न भेजा जाए। दोनों नर्सिंग अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर सिविल सर्जन के अभिमत सहित अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। भानेश साकुरे / 24 मई 2026