:: गीता भवन में सात दिवसीय भागवत ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ; सामाजिक सरोकारों और जीव-दया का भी दिया जाएगा संदेश :: इंदौर (ईएमएस)। श्रीधाम वृन्दावन के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद महाराज ने कहा है कि श्रीमद्भागवत एक ऐसा कालजयी ग्रन्थ है जो आधुनिक युग में बिखरते परिवारों के बीच प्रेम, सद्भाव और आपसी विश्वास को पुनः स्थापित कर सकता है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में नई पीढ़ी अपनी मूल संस्कृति और धर्मग्रन्थों से विमुख हो रही है, जबकि एक समृद्ध और शक्तिशाली समाज के निर्माण के लिए परमात्मा से जुड़ना अनिवार्य है। स्वामी भास्करानंद रविवार को यहाँ मनोरमागंज स्थित गीता भवन के सत्संग सभागृह में पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ महोत्सव के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, भागवत कथा स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि परमार्थ के लिए है। यह एक ऐसा पावन सरोवर है जिसमें श्रद्धालु जितनी गहरी डुबकी लगाएंगे, उन्हें जीवन को संवारने के उतने ही अनमोल संस्कार रूपी आभूषण प्राप्त होंगे। इससे पूर्व, महोत्सव का शुभारंभ गीता भवन परिसर में निकाली गई एक भव्य एवं दिव्य शोभायात्रा से हुआ। आयोजन समिति के मुख्य संयोजक संजय-किरण मंगल और बिनोद-सुनीता अग्रवाल सहित वरिष्ठ समाजसेवी प्रेमचंद गोयल, राजेश चेलावत, अवनि अनंत अग्रवाल, राम ऐरन, रामविलास राठी और श्याम अग्रवाल ने पूर्ण श्रद्धा के साथ नंगे पैर भागवत जी को मस्तक पर धारण कर व्यास पीठ तक पहुँचाया। व्यास पीठ पर मधुराष्टक के पाठ के साथ पूजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध भजन गायिका साध्वी कृष्णानंद ने भजनों की प्रस्तुति दी। आयोजन समिति के संयोजकों ने बताया कि मंगल परिवार की मेजबानी में मातुश्री श्रीमती कमलादेवी-बाबूलाल मंगल की पुण्य स्मृति में आयोजित यह दिव्य आयोजन 30 मई तक प्रतिदिन दोपहर 3:30 बजे से शाम 7:00 बजे तक संचालित होगा। इस वर्ष ज्ञान यज्ञ के मंच से सामाजिक सरोकारों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। कथा के दौरान श्रद्धालुओं को जल संरक्षण, भोजन की बर्बादी रोकने (जूठन न छोड़ने), यातायात नियमों का पालन करने और भीषण गर्मी के मद्देनजर मूक पक्षियों के लिए छतों व आँगनों में सकोरे रखने तथा दाना-पानी उपलब्ध कराने के संकल्प दिलाए जाएंगे। :: आज शुकदेव आगमन प्रसंग :: महोत्सव के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा के अनुसार, 25 मई को शुकदेव आगमन प्रसंग, 26 को शिव-पार्वती विवाह, 27 को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, 28 को गोवर्धन पूजा एवं 56 भोग तथा 29 मई को रुक्मणी विवाह प्रसंग का वाचन होगा। आगामी शनिवार, 30 मई को सुदामा चरित्र के प्रसंग के साथ फूलों की होली खेलकर इस सात दिवसीय महोत्सव का समापन होगा। प्रकाश/24 मई 2025 संलग्न चित्र - इंदौर। गीता भवन परिसर में भागवत ज्ञान यज्ञ के शुभारंभ अवसर पर श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई भव्य शोभायात्रा में पोथी जी को मस्तक पर धारण कर चलते श्रद्धालु।