:: निगमायुक्त के निर्देश पर जय मां आराधना एंटरप्राइजेस का टैंकर जब्त, अब सभी अनुबंधित टैंकरों पर सरकारी स्टिकर लगाना होगा अनिवार्य :: इंदौर (ईएमएस)। शहर में भीषण गर्मी और गहराते जल संकट के बीच जनता के हक के पानी की कालाबाजारी करने वालों पर नगर निगम ने कड़ा शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने कड़े तेवर दिखाते हुए साफ कर दिया है कि निगम के अनुबंधित टैंकरों द्वारा पानी बेचने की शिकायत मिलने पर न केवल टैंकर जब्त किया जाएगा, बल्कि संबंधित ठेकेदार एजेंसी पर भारी आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा। इसी कड़ी में निगम की टीम ने जोन-18 के अंतर्गत अग्रसेन प्रतिमा चौराहे के पास एक बड़ी लापरवाही को रंगेहाथ पकड़ा। यहाँ जय मां आराधना इंटरप्राइजेस का अनुबंधित टैंकर (नंबर एमपी 67 एबी 1494) सार्वजनिक वितरण के लिए निर्धारित पानी को एक निजी एजेंसी को बेच रहा था। निरीक्षण के दौरान यह धांधली सामने आते ही निगम अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई की और टैंकर को मौके पर ही जब्त कर केंद्रीय वर्कशॉप भेज दिया। निगमायुक्त के आदेश पर जनता के पानी का व्यावसायिक उपयोग करने वाली इस संबंधित एजेंसी पर 25 हजार रूपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया जा रहा है। इसके साथ ही टैंकर को राजसात करने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। :: धांधली रोकने के लिए अब लगेगा विशेष स्टिकर :: निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि संकट के इस दौर में पानी की कालाबाजारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी। यदि भविष्य में कोई भी अनुबंधित टैंकर इस तरह के कृत्य में लिप्त पाया गया, तो संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के साथ ही कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस सिंडिकेट और मनमानी पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए आयुक्त ने सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अब नगर निगम के अंतर्गत संचालित होने वाले हर अनुबंधित टैंकर पर निगम का विशेष स्टिकर अनिवार्य रूप से चस्पा करना होगा, ताकि आम जनता और प्रशासनिक अमले को यह आसानी से पता चल सके कि टैंकर सरकारी सेवा के लिए तैनात है। प्रकाश/24 मई 2025