राष्ट्रीय
04-Jun-2026
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वाईएस शर्मिला, सुप्रिया श्रीनेत और पवन खेड़ा के नाम चर्चा में नई दिल्ली,(ईएमएस)। आगामी राज्यसभा चुनावों के मद्देनजर, कांग्रेस पार्टी कर्नाटक में अहम रणनीति पर काम कर रही है। कर्नाटक राज्य की चार सीटों में से तीन पर जीत की प्रबल संभावना के साथ, पार्टी हाईकमान कर्नाटक से बाहर के किसी बड़े नेता को उच्च सदन भेजने का बड़ा दांव चल सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, वाईएस शर्मिला, सुप्रिया श्रीनेत और पवन खेड़ा जैसे नेता कर्नाटक से राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस नेतृत्व से संपर्क में हैं। इसमें शर्मिला का नाम सबसे ऊपर है, जिन्होंने इसी साल जनवरी में अपनी वाईएसआर तेलंगाना पार्टी का कांग्रेस में विलय किया था। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी की मौजूदगी में औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल होने के बाद, उन्हें एक मजबूत दावेदार बताया जा रहा है। दूसरी प्रमुख दावेदार सुप्रिया श्रीनेत, कांग्रेस की सोशल मीडिया और डिजिटल कम्युनिकेशन की अध्यक्ष हैं, जो अपनी मुखर शैली और टीवी बहसों में पार्टी का प्रभावी ढंग से पक्ष रखने के लिए जानी जाती हैं। तीसरे नाम पवन खेड़ा का है, जो हाल ही में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी से जुड़े एक मामले और नीट पेपर लीक मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे हमलों के कारण सुर्खियों में रहे हैं। कर्नाटक से राज्य के बाहर के नेताओं को राज्यसभा भेजने का इतिहास रहा है। 2024 में कांग्रेस ने दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय माकन को मनोनीत किया था। वहीं भाजपा ने भी केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जैसे गैर-कर्नाटक नेताओं को इसी राज्य से उच्च सदन भेजा है। अब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार जल्द ही नई दिल्ली में केंद्रीय नेताओं से परामर्श कर उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने वाले है। वहीं कांग्रेस पार्टी के भीतर कुछ नेता सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजने के पक्ष में हैं, हालांकि उन्होंने राज्य की राजनीति में सक्रिय रहने की अपनी इच्छा जाहिर की है। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के भी राज्यसभा के लिए फिर से चुनाव लड़ने की उम्मीद है। इसके अलावा, यदि पार्टी वीरशैव-लिंगायत समुदाय से उम्मीदवार नामित करती है, तब उसके महासचिव बसवराजु एपी एक मजबूत दावेदार हैं, क्योंकि पिछले 25 वर्षों में इस समुदाय से कोई कांग्रेस नेता राज्यसभा नहीं पहुंचा है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद का विधान परिषद में कार्यकाल इस महीने समाप्त हो रहा है। उनके नाम पर भी चर्चा चल रही है, हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि वे विधान परिषद में एक और कार्यकाल या मंत्री पद के इच्छुक हैं। 18 जून को विधानसभा निर्वाचक मंडल की सात विधान परिषद सीटों के लिए भी चुनाव होंगे, जहाँ कांग्रेस को चार सीटें जीतने की उम्मीद है। राज्य में सत्ता में होने के कारण, कई नेता राज्यसभा सदस्य बनने के बजाय एमएलसी बनने को प्राथमिकता दे रहे हैं। आशीष/ईएमएस 04 जून 2026