राज्य
04-Jun-2026
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- अपने ही आदेश पर लगाई स्थगन मुंबई, (ईएमएस)। ईंधन चोरी और प्रतिबंधित बिटुमेन (डामर) की कथित तस्करी से जुड़े मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए पूछा कि कार्रवाई के दायरे में आए तीनों जहाज अब तक मुंबई तट पर ही क्यों खड़े हैं। अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि गुजरात के अलंग शिपयार्ड ले जाने की अनुमति मिलने के बावजूद एक जहाज को अब तक वहां क्यों नहीं भेजा गया। इन सवालों के बीच अदालत ने जहाजों को छोड़ने संबंधी अपने पूर्व आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी और निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक तीनों जहाज जहां खड़े हैं, वहीं बने रहेंगे। आपको बता दें कि फरवरी 2026 में भारतीय तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) ने भारतीय समुद्री सीमा में तीन जहाजों एमटी अस्फाल्ट स्टार, एमटी स्टेलर रुबी तथा एमटी अल जाफजिया को रोककर जांच के दायरे में लिया था। इन जहाजों पर आरोप है कि इनके माध्यम से ईरान से प्रतिबंधित बिटुमेन और ईंधन की अवैध तस्करी की जा रही थी। कार्रवाई के बाद जहाजों को मुंबई पुलिस के येलो गेट थाने के हवाले कर दिया गया था। इसके बाद जहाज मालिकों ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर जहाजों को मुक्त करने की मांग की थी। इस मामले की सुनवाई अवकाशकालीन पीठ के न्यायमूर्ति शाम चांडक और न्यायमूर्ति फरहान दुबाश के समक्ष हुई। राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम परशुरामी ने अदालत को बताया कि तीनों जहाज अभी भी मुंबई तट पर ही खड़े हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पिछली सुनवाई में अदालत ने अल जाफजिया जहाज को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर गुजरात के अलंग शिपयार्ड भेजने की अनुमति दी थी, लेकिन इसके बावजूद जहाज को वहां नहीं ले जाया गया। यह जानकारी सामने आने पर अदालत ने नाराजगी जताई और संबंधित पक्षों से जवाब मांगा कि अनुमति मिलने के बाद भी आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने तीनों जहाजों को छोड़ने की मांग की, लेकिन अदालत ने फिलहाल यह मांग स्वीकार करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि जहाजों को हटाने या छोड़ने से पहले सभी आवश्यक शर्तों और औपचारिकताओं की जानकारी स्पष्ट होना जरूरी है।जांच एजेंसियों ने अदालत को बताया कि तीन में से दो जहाजों की जांच अभी भी जारी है। इसी वजह से उन्हें मुंबई से हटाने का विरोध किया गया। अदालत ने इस दलील को स्वीकार करते हुए कहा कि जांच पूरी होने तक संबंधित जहाजों को स्थानांतरित करना उचित नहीं होगा। - केवल अल जाफजिया को मिली थी सशर्त अनुमति हाईकोर्ट ने पहले केवल एमटी अल जाफजिया को अलंग शिपयार्ड ले जाने की सशर्त अनुमति दी थी। इसके लिए संबंधित विभागों से सभी आवश्यक मंजूरियां लेने का निर्देश भी दिया गया था। हालांकि अनुमति के बावजूद जहाज को अब तक नहीं हटाया गया, जिसके कारण अदालत ने मामले पर गंभीर रुख अपनाते हुए अपने पूर्व आदेश पर अस्थायी रोक लगा दी। - कोस्ट गार्ड और डीजी शिपिंग को निर्देश बॉम्बे हाई कोर्ट ने भारतीय तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) और डीजी शिपिंग को निर्देश दिया कि वे जहाजों को स्थानांतरित करने से पहले पूरी की जाने वाली आवश्यक प्रक्रियाओं और शर्तों का विस्तृत विवरण अदालत के समक्ष प्रस्तुत करें। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 18 जून तक स्थगित कर दी। यानि अब अदालत 18 जून को मामले की अगली सुनवाई करेगी। तब तक तीनों जहाज मुंबई तट पर ही खड़े रहेंगे और जांच एजेंसियों को अपनी रिपोर्ट तथा आवश्यक प्रक्रियाओं का पूरा विवरण अदालत के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। - ०४ जून/२०२६/ईएमएस