राज्य
04-Jun-2026
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पटना, (ईएमएस)। बिहार में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब पहले से अधिक सख्ती की जाएगी। राज्य सरकार सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और ट्रैफिक नियमों के प्रभावी पालन के लिए पूरे प्रदेश में अत्याधुनिक इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) लागू करने जा रही है। इस नई व्यवस्था के तहत शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों, बड़े पुलों और दुर्घटना संभावित स्थानों पर कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी तथा नियम तोड़ने वालों का स्वतः ई-चालान जारी होगा। अब तक कैमरा आधारित ई-चालान व्यवस्था मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों तक सीमित थी, लेकिन नई योजना के लागू होने के बाद इसका दायरा पूरे बिहार में विस्तारित हो जाएगा। परिवहन विभाग का मानना है कि इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। बताया गया है कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत लागू की जाएगी। परिवहन विभाग के अनुसार, इस योजना के लिए राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। कैमरे और तकनीकी उपकरण स्थापित करने वाली निजी एजेंसी को ई-चालान से प्राप्त राजस्व का एक निर्धारित हिस्सा कमीशन के रूप में दिया जाएगा। अधिकारियों ने दावा किया कि बिहार इतने बड़े स्तर पर आधुनिक ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनने जा रहा है। आईटीएमएस परियोजना को दो चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में राज्य के 200 महत्वपूर्ण स्थानों को इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा, जबकि दूसरे चरण में 300 अतिरिक्त स्थान शामिल किए जाएंगे। इस प्रकार कुल 500 प्रमुख स्थानों पर हाईटेक कैमरे और निगरानी उपकरण लगाए जाएंगे। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, प्रमुख पुल, व्यस्त चौराहे और सड़क दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट शामिल होंगे। ऐसे क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी जहां दुर्घटनाएं अधिक होती हैं या यातायात नियमों का उल्लंघन ज्यादा देखा जाता है। पूरी परियोजना की निगरानी के लिए पटना में एक आधुनिक राज्य स्तरीय ट्रैफिक मैनेजमेंट सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा राज्य के सभी 38 जिलों में जिला स्तरीय निगरानी केंद्र भी बनाए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से कैमरों से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा और नियम उल्लंघन की स्थिति में स्वतः ई-चालान जारी होगा। इससे मानव हस्तक्षेप कम होगा और कार्रवाई अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी बनेगी। नई प्रणाली के तहत ओवरस्पीडिंग, रेड लाइट जंपिंग, बिना हेलमेट वाहन चलाना, सीट बेल्ट नहीं लगाना, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग, गलत दिशा में वाहन चलाना, ट्रिपल राइडिंग और अनधिकृत पार्किंग जैसे मामलों में स्वतः ई-चालान जारी किया जाएगा। इसके साथ ही वाहन के फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र (पीयूसी), परमिट और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की भी डिजिटल जांच की जाएगी। दस्तावेज वैध नहीं पाए जाने पर संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। परिवहन विभाग का मानना है कि आईटीएमएस लागू होने से सड़क सुरक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार आएगा। कैमरों की सतत निगरानी के कारण वाहन चालक नियमों का अधिक पालन करेंगे, जिससे सड़क हादसों की संख्या में कमी आने की उम्मीद है। - ०४ जून/२०२६/ईएमएस