एआई एक्शन प्लान बनाने में निभाई थी अहम भूमिका वॉशिंगटन(ईएमएस)। अमेरिका में व्हाइट हाउस के आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (एआई) सलाहकार श्रीराम कृष्णन ने अपने पद से हटने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह केवल आगामी जून तक ही इस पद पर अपनी सेवाएं दे सकेंगे। कृष्णन ने अपने 18 महीने के संक्षिप्त लेकिन बेहद प्रभावी कार्यकाल के दौरान अमेरिका का पूरा एआई एक्शन प्लान तैयार करने में केंद्रीय भूमिका निभाई। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सुरक्षित और जिम्मेदारी पूर्ण उपयोग के लिए एक मजबूत नेशनल फ्रेमवर्क विकसित करने का श्रेय भी उन्हें ही जाता है। अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए श्रीराम कृष्णन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि एक छोटे से ब्रेक के बाद वह एक बार फिर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के सामने एआई की वजह से पैदा हुई चुनौतियों को कम करने के मिशन पर जुटेंगे। उन्होंने वर्तमान परिदृश्य का जिक्र करते हुए कहा कि अभी एआई से जुड़े कई जटिल और गंभीर मुद्दे हमारे सामने हैं, जिनमें डेटा सेंटरों का तेजी से होता विस्तार और उससे होने वाली भारी ऊर्जा की खपत शामिल है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर सबको मिलकर काम करने की सख्त जरूरत है। चेन्नई में जन्मे है श्रीराम कृष्णन चेन्नई में जन्मे भारतीय मूल के श्रीराम कृष्णन ने अपनी प्रारंभिक उच्च शिक्षा चेन्नई के ही एसआरएम इंजीनियरिंग कॉलेज से हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने ट्विटर, फेसबुक, माइक्रोसॉफ्ट और स्नैप जैसी दुनिया की अग्रणी टेक कंपनियों में महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। वह लंबे समय तक नामचीन कैपिटल फर्म एंड्रीसन होरोविट्स के साथ भी जुड़े रहे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान साल 2024 में व्हाइट हाउस में उनकी नियुक्ति का ऐलान किया था, जहां उन्हें एआई पॉलिसी का मुख्य रणनीतिकार और सलाहकार बनाया गया था। उनकी इस नियुक्ति का कुछ धड़ों द्वारा विरोध भी किया गया था। कृष्णन का जमकर हुआ था विरोध आलोचकों का तर्क था कि एक तरफ राष्ट्रपति ट्रंप कड़े इमिग्रेशन नियम लागू कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ भारतीय मूल के एक व्यक्ति को इतना बड़ा और संवेदनशील पद दे रहे हैं। हालांकि, इन तमाम विवादों के बीच भी कृष्णन ने पूरी निष्ठा से काम किया और अमेरिकी संसद के साथ मिलकर एआई नीति की एक मजबूत नींव रखी। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने उन्हें व्हाइट हाउस के अनमोल रत्नों में से एक बताया है। खुद राष्ट्रपति ट्रंप भी कई मौकों पर उनकी प्रतिभा की तारीफ कर चुके हैं, जबकि कृष्णन का मानना है कि ट्रंप के दूरदर्शी नेतृत्व के बिना अमेरिका एआई की वैश्विक दौड़ में अग्रणी स्थान हासिल नहीं कर पाता। वीरेंद्र/ईएमएस/07जून2026