अंतर्राष्ट्रीय
07-Jun-2026
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तेहरान(ईएमएस)। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा संघर्ष एक बार फिर बेहद हिंसक और गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच हमलों का एक नया और घातक दौर शुरू हो चुका है, जिसने वैश्विक चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस खूनी टकराव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक हालिया बयान ने कूटनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि यदि दोनों देशों के बीच शांति समझौता होने में मदद मिलती है, तो वह ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के साथ बैठक करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के मुलाकात वाले प्रस्ताव पर तेहरान में तंज कसते हुए कहा है कि उन्हे असली दुनिया में रहना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खामेनेई उनके पसंदीदा व्यक्ति नहीं हैं, लेकिन अगर यह मुलाकात होती है, तो वह इसे सम्मानजनक मानेंगे। ट्रंप ने साफ किया कि उन्होंने खुद इसका प्रस्ताव नहीं दिया है, बल्कि व्हाइट हाउस के कुछ अधिकारियों ने उनके सामने इस मुलाकात की बात रखी थी। अब राष्ट्रपति ट्रंप के इस बयान पर ईरान की तरफ से बेहद तीखी और दोटूक प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ट्रंप के इस दावे पर कड़ा तंज कसा है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अराघची ने कहा कि ट्रंप को अपनी काल्पनिक दुनिया से बाहर आना चाहिए। उन्होंने ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हाल ही में उन्होंने एक रिपोर्ट देखी है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति बैठक करने की इच्छा जता रहे हैं। लेकिन ईरान का मानना है कि सभी को व्यावहारिक होना चाहिए और असली दुनिया में जीना और सोचना चाहिए। दोनों देशों के बीच 28 फरवरी को शुरू हुआ यह युद्ध अब तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सका है। अमेरिका जहां अपनी शर्तों के आधार पर शांति समझौता थोपना चाहता है, वहीं दशकों पुराने प्रतिबंधों और दबाव का सामना कर रहा ईरान अब और भी अधिक आक्रामक और निर्भीक नजर आ रहा है। दोनों पक्षों की इसी जिद के कारण युद्ध भूमि में हमलों की एक नई श्रृंखला शुरू हो गई है। इस भीषण सैन्य टकराव का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिल रहा है, जहां कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर उछाल पर हैं। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप इस बढ़ोतरी को लेकर ज्यादा चिंतित नहीं दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध की शुरुआत में लोग आशंका जता रहे थे कि तेल की कीमतें 300 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाएंगी, लेकिन यह 96 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। दूसरी तरफ, शांति वार्ता की स्थिति पर ईरान के विदेश मंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि बातचीत में अभी तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है, क्योंकि दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े हुए हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/07जून2026