अंतर्राष्ट्रीय
07-Jun-2026
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वॉशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा का विषय बन गए हैं। इस बार उनकी सुर्खियों में आने की वजह एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) द्वारा तैयार किया गया वीडियो है। इसमें कभी ऊंट पर बैठे, कभी बुलेट दौड़ाते हुए नजर आते हैं।इस अनूठे वीडियो को खुद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर साझा किया है। इस वीडियो का मुख्य शीर्षक एवरीबडी लव्स ट्रम्प यानी हर कोई ट्रम्प को पसंद करता है रखा गया है, जो इंटरनेट पर तेजी से ट्रेंड कर रहा है। इस वीडियो में ट्रंप की विभिन्न चुनावी रैलियों और जनसभाओं के दृश्यों को समेटा गया है, जिसमें कई हिस्सों को एआई तकनीक की मदद से बेहद आकर्षक और काल्पनिक रूप में तैयार किया गया है। वीडियो के बैकग्राउंड में काफी तेज और ऊर्जायुक्त म्यूजिक बजता है, और पूरे वीडियो के दौरान बार-बार ‘एवरीबडी लव्स ट्रम्प’ का नारा गूंजता रहता है। दिखने में यह पूरा वीडियो एक हाई-टेक चुनावी प्रचार अभियान की तरह नजर आता है। पोस्ट होने के कुछ ही समय के भीतर यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया और इसे लाखों लोगों द्वारा देखा जा चुका है। इसके छोटे-छोटे क्लिप्स अब एक्स, इंस्टाग्राम और टिकटॉक जैसे अन्य प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी जमकर शेयर किए जा रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर ट्रंप के समर्थक और विरोधी एक बार फिर आमने-सामने आ गए हैं। ट्रंप के समर्थकों ने जहां इस वीडियो को बेहद मजेदार, रचनात्मक और मनोरंजक बताया है, वहीं आलोचकों ने इस पर तीखी आपत्ति जताई है। विरोधियों का आरोप है कि यह ट्रंप की छवि को जबरन चमकाने वाला एक सोचा-समझा प्रोपेगैंडा वीडियो है, जिसमें जनता को प्रभावित करने के लिए डीपफेक और एआई तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से ट्रंप लगातार एआई से बनी तस्वीरें और वीडियो साझा करते रहे हैं, जिनमें कभी-कभी उनके राजनीतिक विरोधियों और वैश्विक नेताओं से जुड़े काल्पनिक या अतिशयोक्तिपूर्ण दृश्य भी शामिल होते हैं। इस नए वीडियो ने वैश्विक स्तर पर यह गंभीर बहस दोबारा छेड़ दी है कि राजनीति और चुनाव प्रचार में एआई का बेलगाम इस्तेमाल कितना सही है। तकनीकी जानकारों का मानना है कि एआई से बने ऐसे वीडियो और तस्वीरें असली और नकली के बीच के अंतर को खत्म कर देती हैं, जिससे आम जनता के भ्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, इस वीडियो का तात्कालिक मकसद केवल प्रचार और मनोरंजन ही माना जा रहा है, लेकिन इसने भविष्य की डिजिटल राजनीति के तौर-तरीकों और एआई के बढ़ते प्रभाव पर एक बड़ा सवालिया निशान जरूर खड़ा कर दिया है। वीरेंद्र/ईएमएस/07जून2026