-दूसरे पर रूस का सुखोई एसयू-57 फेलन, फिर चीन का चेंगदू जे-20 माइटी ड्रैगन वाशिंगटन (ईएमएस)। आधुनिक युद्ध में हवाई शक्ति का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल के वर्षों में हुए संघर्षों ने साबित कर दिया है कि किसी भी देश की सैन्य क्षमता का बड़ा आधार उसकी वायुसेना और अत्याधुनिक लड़ाकू विमान होते हैं। स्टील्थ तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेंसर, लंबी दूरी तक मार करने वाले हथियार और सुपरक्रूज जैसी क्षमताएं अब लड़ाकू विमानों की ताकत का पैमाना बन चुकी हैं। इसी कारण दुनिया के प्रमुख देश नए और अधिक उन्नत फाइटर जेट विकसित करने की दौड़ में शामिल हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्तमान में दुनिया के सबसे ताकतवर लड़ाकू विमानों की सूची में अमेरिका का दबदबा है। सूची में शीर्ष स्थान पर लॉकहीड मार्टिन का एफ-35 लाइटनिंग-2 है, जिसे दुनिया का सबसे सफल पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान माना जाता है। इसकी स्टील्थ क्षमता, सेंसर फ्यूजन और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली इसे बेहद प्रभावशाली है। दूसरे स्थान पर रूस का सुखोई एसयू-57 फेलन है, जो स्टील्थ और उच्च गतिशीलता का बेहतरीन संयोजन प्रस्तुत करता है। तीसरे स्थान पर चीन का चेंगदू जे-20 माइटी ड्रैगन है, जिसने एशिया में चीन की हवाई शक्ति को नई पहचान दी है। अमेरिका का एफ-22 रैप्टर चौथे स्थान पर है। इसे अब तक के सबसे उन्नत एयर-सुपीरियरिटी फाइटर जेट्स में गिना जाता है। इसके बाद पांचवें स्थान पर बोइंग का एफ-15ईएक्स ईगल-2 है, जो भारी मात्रा में हथियार ले जाने की क्षमता रखता है। छठे स्थान पर यूरोफाइटर टाइफून है, जिसे यूरोपीय देशों के सहयोग से विकसित किया गया है। सातवें स्थान पर फ्रांस का डसॉल्ट राफेल है, जो अपनी बहु-भूमिका क्षमता और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम के कारण लोकप्रिय है। भारतीय वायुसेना भी राफेल का संचालन कर रही है। सूची में आठवें स्थान पर अमेरिकी एफ-16 फाइटिंग फाल्कन, नौवें पर रूस का एसयू-35 और दसवें स्थान पर अमेरिकी नौसेना का प्रमुख कैरियर आधारित विमान एफ/ए-18ई/एफ सुपर हॉर्नेट शामिल है। इन दस विमानों में अमेरिका के पांच लड़ाकू विमान शामिल हैं, जो वैश्विक सैन्य विमानन क्षेत्र में उसकी तकनीकी बढ़त को दर्शाते हैं। वहीं चीन, रूस और फ्रांस भी आधुनिक लड़ाकू विमान निर्माण में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। आने वाले सालों में छठी पीढ़ी के फाइटर जेट्स के आगमन के साथ हवाई शक्ति का संतुलन और ज्यादा प्रतिस्पर्धी होने की संभावना है। सिराज/ईएमएस 09 जून 2026